नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत उपभोक्ता लाभान्वित होंगे : किदवई

 


भोपाल ।उपभोक्ता संरक्षण विभाग, मध्य प्रदेश शासन ने आज कहा कि नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम उपभोक्‍ता अधिकारों रक्षा के लिये मौजूदा नियमों को और सख्त करता है। फिक्की द्वारा आयोजित न्यू कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 ”पर वेबिनार में बोलते हुए, श्री किदवई ने कहा, अधिनियम को बनाते समय उपभोक्ताओं के अधिकारों को ध्यान में रखा गया है और इस अधिनियम की अभी आवश्यकता है। उन्होंने विस्तृत रूप से बताया कि इस अधिनियम से उपभोक्ताओं को पुराने दिनों की तुलना में अब कहीं से भी न्‍यायालय में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं, क्योंकि इससे पहले कि जिस क्षेत्र में विक्रेता या सेवा प्रदाता होते थे, केवल वहीं पर उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज करनी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि "यह ई-कॉमर्स खरीदी में वृद्धि को देखते हुए एक आदर्श कदम है, जहां विक्रेता कहीं भी मौजूद हो सकता है, अधिनियम उपभोक्ता को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की अनुमति देता है, जिससे उसे पैसे और समय दोनों की बचत होती है,"। श्री किदवई ने कहा कि नए अधिनियम में मध्यस्थता का वैकल्पिक विवाद समाधान तंत्र दिया गया है । उद्योगों को नए बदलाव और नए कानून द्वारा बनाए गए दिशा-निर्देशों के अनुकूल होने की आवश्‍यकता है।


श्री रजत बनर्जी, मेंटर, फिक्की डायरेक्ट सेलिंग टास्क फोर्स और नेशनल हेड, कॉरपोरेट अफेयर्स, एमवे इंडिया ने कहा, “भारत में डायरेक्‍ट सेलिंग इंडस्‍ट्री पिछले कुछ वर्षों में विकसित हुई है और वर्तमान में भारत में 13,000 करोड़ रुपये की इंडस्‍ट्री है और यह लगभग 6 मिलियन भारतीयों को रोजगार प्रदान करती है। यह भारत में एफएमसीजी के हिस्‍से के बमुश्किल 4% हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, और इस उद्योग में भारत में स्वरोजगार के लिए बड़ी संख्या को अवशोषित करने की क्षमता है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 को लागू करने और प्रत्यक्ष विक्रय उद्योग को मान्यता देने के लिए हम भारत सरकार के आभारी हैं। सीपीए के तहत, प्रत्यक्ष बिक्री नियमों को वर्ष के अंत तक अधिसूचित किया जाना है, इस प्रकार, स्पष्ट नियमों और उद्योग के लिए अनुकूल व्यावसायिक वातावरण का मार्ग प्रशस्त होता है। डायरेक्ट सेलिंग में शामिल 6 मिलियन में से लगभग 3 मिलियन महिलाएँ हैं, जो डायरेक्‍ट सेलिंग इंडस्ट्री को महिला सशक्तिकरण में अग्रणी बनाती हैं। मौजूदा मनी-बैक पॉलिसी के साथ, एमवे जैसी डायरेक्ट सेलिंग कंपनियों ने पहले ही उपभोक्ता संरक्षण सुनिश्चित कर लिया है, मप्र में एमवे डायरेक्ट सेलर उपभोक्ता हितों की रक्षा करने वाले उच्चतम नैतिक मानकों के तहत कार्य करते हैं।


प्रो. बेजोन मिश्रा, उपभोक्ता विशेषज्ञ और संस्थापक, The Aware Consumer ने कहा, राज्य उपभोक्ता अधिनियम के प्रावधानों के संदर्भ में कार्य करेंगे, लेकिन मध्य प्रदेश पहला राज्य होगा जो जल्द से जल्द नियमों को लागू करने में आगे रहेगा। “राज्यों को मध्यस्थता को प्रोत्साहित करना चाहिए। उपभोक्ता को थर्ड पार्टी के पास जाने और वैकल्पिक न्यायिक प्रक्रिया प्रदान करने के लिए राज्‍यों को अभ्‍यस्‍थ होना चाहिए और बहुत ज्‍यादा शिकायतें न्यायिक प्रक्रिया में नहीं जानी चाहिए।


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