एसबीआई लाइफ ने व्‍यापक फाइनेंशियल इम्‍यूनिटी सर्वे का अनावरण किया

प्रमुख निष्‍कर्ष:  
10 में से 8 (78%) भारतीय दृढ़ता से मानते हैं कि तनाव/चिंता मानसिक और शारीरिक प्रतिरोधी क्षमता को प्रभावित करता है
50% से अधिक भारतीय जीवनशैली बीमारियों से जुड़ी आपात स्थिति का सामना करने के लिए पर्याप्‍त रूप से तैयार नहीं
टॉप 3 वित्‍तीय चिंताएं: 
गंभीर बीमारियों से वित्‍तीय सुरक्षा
परिवार के सदस्‍य का कोविड-19 या किसी जीवनशैली बीमारी का शिकार होना
नौकरी चली जाना या आय का जरिया समाप्‍त हो जाना 
10 में से 8 (80%)भारतीय जीवन बीमा को 'परिवार के भविष्‍य' की सुरक्षा से जोड़कर देखते हैं
10 में से 6 से अधिक (61%)भारतीयों ने बढ़ते चिकित्‍सा खर्च को पूरा करने और परिवार को वित्‍तीय दबाव से बचाने के लिए क्रिटिकल इलनेस प्‍लान/कवर खरीद लिया है या खरीदने के इच्‍छुक हैं
10 में से 7 (75%) भारतीयों के पास क्रिटिकल इलनेस कवर नहीं है, और वो अगले तीन महीने में इसे खरीदने के इच्‍छुक हैं
भोपाल । एसबीआई लाइफ इंश्‍योरेंस, जो देश के सबसे विश्‍वसनीय जीवन बीमाकर्ताओं में से एक है, ने व्‍यापक उपभोक्‍ता सर्वेक्षण का अनावरण किया। इस सर्वेक्षण में कोविड बाद की दुनिया में वित्‍तीय प्रतिरोधी क्षमता के प्रति उपभोक्‍ता प्रवृत्तियों के बारे में महत्‍वपूर्ण बातें बताई गई हैं। एसबीआई लाइफ ने निल्‍सन कंपनी के साथ मिलकर 'अंडरस्‍टैंडिंग कंज्‍यूमर एटिट्यूड टोआर्ड्स फाइनेंशियल इम्‍यूनिटी' सर्वेक्षण शुरू किया। इस सर्वेक्षण में पूरे भारत के 13 प्रमुख शहरों के 2,400 से अधिक उपभोक्‍ताओं ने हिस्‍सा लिया। 
जाहिर तौर पर, कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए, व्‍यक्तिगत शारीरिक प्रतिरोधी क्षमता बनाये रखना महत्‍वपूर्ण है, ऐसे में प्रत्‍येक प्रतिक्रियादाता ने शारीरिक प्रतिरोधी क्षमता पर किसी भी तरह अधिक जोर देने की पुष्टि की। दरअसल, 10 में से 8 भारतीयों का मानना है कि 'तनाव' के चलते मानसिक और शारीरिक प्रतिरोधी क्षमता घटती है। 
आगे इस सर्वेक्षण में आज उपभोक्‍ताओं के लिए सबसे बड़ी वित्‍तीय चिंताओं के बारे में सवाल करके तनाव के कारणों को बेहतर तरीके से समझने की कोशिश की गयी है। (1) गंभीर बीमारी से वित्‍तीय सुरक्षा (2) किसी लाइफस्‍टाइल बीमारी या कोविड-19 से परिवार के सदस्‍य का संक्रमित हो जाना और (3) नौकरी चली जाना या आय का जरिया समाप्‍त हो जाना। उपभोक्‍ताओं द्वारा बताये गये आर्थिक चिंताओं के कारण लाइफस्‍टाइल बीमारियों के वित्‍तीय प्रबंधन से पैदा होने वाले तनाव पर आधारित हैं। चिंता की बात यह है कि 50 प्रतिशत से अधिक भारतीय लाइफस्‍टाइल बीमारियों से जुड़ी किसी भी वित्‍तीय आपात स्थिति का सामना करने के लिए पर्याप्‍त रूप से तैयार नहीं हैं। 
अच्‍छी बात यह है कि इस महामारी ने सुरक्षा की आवश्‍यकता को महसूस कराया है और यही कारण है कि 10 में से 7 भारतीय, जिनके पास वर्तमान में क्रिटिकल इलनेस कवर नहीं है, अगले तीन महीने में इसे खरीदने के लिए स्‍पष्‍ट रूप से इच्‍छुक हैं। सर्वेक्षण के जरिए एक अन्‍य उत्‍साहजनक बात यह जानने को मिली कि 10 में से 8 उपभोक्‍ता इसलिए जीवन एवं स्‍वास्‍थ्‍य बीमा खरीदते हैं ताकि परिवार के भविष्‍य की रक्षा कर सकें। 
सर्वेक्षण के निष्कर्षों के बारे में बोलते हुए,  रविन्‍द्र कुमार, प्रेसिडेंट - ज़ोन ।।।, एसबीआई लाइफ ने कहा, “इस महामारी ने शारीरिक, मानसिक और वित्‍तीय प्रतिरोधी क्षमता की दृष्टि से देश भर के लोगों का आत्‍म-साक्षात्‍कार कराया है। हम स्‍वास्‍थ्‍य एवं जीवन की दृष्टि से वित्‍तीय तैयारी को लेकर उपभोक्‍ताओं में नई जागरूकता देख रहे हैं, ताकि लोग विपरीत वित्‍तीय स्थितियों से अपने परिवार की रक्षा कर सकें। श्री कुमार ने आगे कहा, "एसबीआई लाइफ में, हम मानते हैं कि वित्तीय प्रतिरक्षा प्राप्त करना एक पूर्ण क्षमता को प्राप्त करने की नींव पर टिकी हुई है और हम देश भर में लोगों के लिए सही सुरक्षा उपकरण प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।"


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