नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश,   चार आरोपी गिरफ्तार


भोपाल । नकली नोट से शराब खरीदने वाले आरोपी मुकेश यादव एवं उसके सेठ संजय सिंह बुंदेला के कब्जे से कुल 66000/- रू के नकली नोट व स्कार्पियो  जप्त कर आरोपियो को गिरफ्तार कर धारा 489A, 489B, 489C भा.द.वि. पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया है। थाने को जानकारी मि कि कुछ व्यक्ति संगठित गिरोह के रूप मे नकली नोट बनाकर बाजार मे चला रहे है।  थाना कोहेफिजा की पुलिस टीम द्वारा मंगलवार को प्रभात चौराहा से आरोपी हबीब को हिरासत मे लेकर पुछताछ करने पर आरोपी द्वारा बताया गया कि लगभग दो माह पूर्व उसके परिचित खालिद कुरैशी द्वारा तबरेज नामक व्यक्ति से मिलवाया जिस पर आज आरोपी हबीब को प्रभात चौराहा पर खालिद कुरैशी व तबरेज द्वारा एक लाख नकली नोट दिये थे जिसमे से हबीब द्वारा 32000/- के असली नोट के बदले 66000/- रू के नकली नोट पूर्व मे गिरफ्तार अपने साथी संजय सिंह बुंदेला को दे दिये थे। आरोपी तबरेज द्वारा जहांगीराबाद स्थित अपने मकान पर अंकित अहिरवार उर्फ केतन, आयुष पियाणी व संदीप शाक्या की मदद से मशीन से नकली नोट छापना बताया गया। आरोपी हबीब के खुलासे के आधार पर आरोपी अंकित अहिरवार उर्फ केतन, आयुष पियाणी व संदीप शाक्या को हिरासत मे लेकर पुछताछ की गई जिस पर उक्त तीनो आरोपियो द्वारा आरोपी तबरेज के मकान मे कलर फोटो काँपी मशीन से नकली नोट छापकर आरोपी हबीब को देना बताया व कुछ नोट बाजार मे चलाना बताया जिस पर आरोपियो के कब्जे से कलर फोटोकाँपी मशीन, कटर, स्केच पैन व 100-100 के लगभग 13000/- रू नकली नोट जप्त कर आरोपियो को गिरफ्तार किया गया है। आऱोपी खालिद कुरैशी थाना ऐशबाग के अपराधिक प्रकरण मे केंद्रीय जेल भोपाल मे बंद है। आरोपी तबरेज खान नि0 जहांगीराबाद की तलाश की जा रही है। आरोपी अंकित अहिरवार पूर्व मे भी वर्ष 2018 मे थाना ऐशबाग मे नकली नोट बनाने मे गिरफ्तार किया जा चुका है जो वह प्रकरण न्यायालय मे विचाराधीन है । फरार आरोपी तबरेज खान के विरूद्ध थाना जहांगीराबाद मे जुआं/सट्टा के अपराधिक प्रकरण दर्ज है। पुछताछ मे जानकारी प्राप्त हुई है कि आरोपी अंकित व तबरेज एक ही मोहल्ले मे रहते है जिनके द्वारा पैसे की आवश्यकता होने से अन्य आरोपियो के साथ गिरोह तैयार कर बड़ी मात्रा मे नकली नोट तैयार किये गये थे। आरोपी संजय सिंह बुंदेला के पकड़े जाने के बाद आरोपियो द्वारा नकली नोट तैयार करना बंद कर दिया व आरोपी हबीब पर दबाव बनाया गया कि वह पुलिस मे पकड़े जाने पर अन्य आरोपियो की जानकारी पुलिस को नही दे।


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