आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL) ने दिग्गज क्रिकेटर, युवराज सिंह को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया

 


युवराज सिंह इस हफ़्ते से शुरू होने वाले आकाश डिजिटल के नवीनतम ओम्नी-चैनल कैंपेन में नज़र आएंगे, जिसका शीर्षक है ‘सक्सेस इज़ वेटिंग’, और इसमें रिपीटर्स सेगमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, यानी कि जो छात्र एक साल ड्रॉप करके फिर से प्रवेश परीक्षा में भाग लेना चाहते हैं
यह कैंपेन एक फिल्म के रूप में होगा, जिसमें छात्रों को असफलता को स्वीकार करते हुए पहले से ज्यादा दृढ़ संकल्प, हौसले और मनोयोग के साथ अपनी सफलता का मार्ग प्रशस्त करने का संदेश दिया गया है


मुंबई। : प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थान, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL) ने आज दिग्गज क्रिकेटर, युवराज सिंह को अपना ब्रांड एंबेसडर नियुक्त करने की घोषणा की।
यह मशहूर क्रिकेटर, कंपनी और इसके विभिन्न ब्रांडों के प्रचार-प्रसार में सहायता करेंगे, जिसके अंतर्गत आकाश इंस्टीट्यूट, आकाश IIT-JEE, आकाश डिजिटल तथा मेरिटनेशन शामिल हैं। आकाश के चेहरे के रूप में, युवराज सिंह आकाश डिजिटल के नवीनतम ओम्नी-चैनल कैंपेन 'सक्सेस इज़ वेटिंग’ की अगुवाई करेंगे।
'सक्सेस इज़ वेटिंग’ कैंपेन उन छात्रों के लिए होगा, जो मेडिकल एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में एक बार फिर से भाग लेना चाहते हैं। विभिन्न डिजिटल माध्यमों पर दिखाई देने वाले इस कैंपेन का उद्देश्य ऐसे छात्रों को एक बार फिर से शानदार प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। 
इस संदेश को छात्रों तक बेहद असरदार ढंग से पहुंचाने के लिए युवराज सबसे उपयुक्त व्यक्ति थे, क्योंकि कंपनी को एक खिलाड़ी की वापसी की ऐसी प्रेरणादायक कहानी की जरूरत थी, जिसमें 'ज़ोरदार तरीके से वापसी' का मूल संदेश छिपा हो। चूंकि देश में क्रिकेट को लोग सबसे ज्यादा पसंद करते हैं, इसलिए हमने इस कैंपेन के संदेश को युवराज सिंह की वापसी की कहानी के इर्द-गिर्द तैयार किया है। वह कई भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। पहले उन्होंने क्रिकेट जगत में अपने सफल करियर से लोगों को प्रोत्साहित 


किया, फिर कैंसर को हराकर वापसी करने की उनकी कहानी भी बेहद प्रेरणादायक है, और अब वह जनकल्याण के क्षेत्र में अपनी पहल से लोगों को प्रेरित कर रहे हैं। 
आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (AESL) के निदेशक एवं सीईओ, श्री आकाश चौधरी ने युवराज सिंह के साथ इस सहयोग पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “हमें बेहद खुशी हो रही है कि युवराज सिंह अब आकाश परिवार का हिस्सा बन गए हैं। हमारा मानना है कि इस तरह की महत्वपूर्ण परीक्षाओं के दौरान हर छात्र अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता है, लेकिन हम इस सच्चाई को भी स्वीकार करते हैं कि व्यक्ति को अपने हर प्रयास में कामयाबी नहीं मिलती है। हम छात्रों को यह समझाना चाहते हैं कि हम न केवल उनके संघर्ष में उनके साथ खड़े हैं, बल्कि उनकी कमजोरियों को भी समझते हैं और सफलता पाने के इच्छुक छात्रों के सहयोग से उन कमजोरियों को दूर करने के लिए तैयार हैं। युवराज सिंह युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं, और हमें पूरा यकीन है कि उनकी अभूतपूर्व सफलता और प्रेरणादायक वापसी की कहानी से छात्रों को असफलता को स्वीकार करते हुए पहले से ज्यादा दृढ़ संकल्प, हौसले और मनोयोग के साथ अपनी सफलता का मार्ग प्रशस्त करने की प्रेरणा मिलेगी।”
इस फिल्म में नायक के तौर पर युवराज सिंह कि जिंदगी में आने वाले उतार-चढ़ाव को दर्शाया गया है। इसमें वह अलग-अलग मौकों पर उखड़े हुए क्रिकेट स्टंप के एक सेट के पीछे चलते नजर आते हैं, तो कभी अतीत की ट्राफियों एवं मेडल, ऑटोग्राफ के लिए चिल्लाते हुए फैन्स की पुरानी तस्वीरों, अख़बारों की सुर्खियों, जिसमें उनके टीम का हिस्सा नहीं होने की बात कही गई है, इत्यादि के साथ नजर आते हैं। विभिन्न प्रकार के ऐसे शॉट्स के बीच, हम एक बच्चे को स्कूल में पढ़ते हुए देखते हैं, जो कभी तो पूरे आत्मविश्वास के साथ आईने में देखता है, और कभी-कभी उसका विश्वास डगमगा जाता है। यह फिल्म छात्रों को नए जोश के साथ सफलता के रास्ते पर फिर से आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
आकाश इंस्टीट्यूट के साथ इस सहयोग के बारे में बात करते हुए, दिग्गज क्रिकेटर युवराज सिंह ने कहा, “मैं आकाश से इसलिए जुड़ा हूं क्योंकि यह संस्थान अपने छात्रों को कभी भी हार नहीं मानने की शिक्षा देता है, साथ ही इस तरह की कठिन प्रवेश परीक्षाओं में सफलता हासिल करने में उनकी मदद करता है। इस फिल्म की विषय-वस्तु भी एक तरह से मेरी ज़िंदगी के सफ़र को दर्शाती है। मैंने अपने जीवन में कई बार उतार-चढ़ाव का सामना किया है। इस फिल्म के जरिए मैं छात्रों को यह बताना चाहता हूं कि, जब दुनिया आपको असफल कहती है तब आप खुद को सफल बनाते हैं। एक ऐसे कोच की तलाश करें, जिसे आप पर खुद से भी ज्यादा यकीन हो। और मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ऐसा होने पर आप ज़िंदगी में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखते हैं।” 


मौजूदा परिस्थितियों के साथ-साथ फिर से परीक्षा देने वाले छात्रों के पास तैयारी के लिए बेहद कम समय की उपलब्धता की वजह से, आज डिजिटल फॉर्मेट छात्रों के बीच सबसे पसंदीदा माध्यम बन चुका है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में आकाश इंस्टीट्यूट की मजबूत शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ बेहतर डिजिटल क्षमताओं के कारण, आकाश डिजिटल दूसरे संस्थानों से काफी आगे खड़ा है। 
आकाश इंस्टीट्यूट का उद्देश्य शैक्षणिक जगत में सफलता हासिल करने की इच्छा रखने वाले छात्रों की मदद करना है। यहां पाठ्यक्रम एवं अध्ययन सामग्रियों के विकास के साथ-साथ अध्यापकों के प्रशिक्षण एवं निगरानी के लिए घरेलू स्तर पर एक केंद्रीकृत प्रक्रिया मौजूद है, जिसका नेतृत्व राष्ट्रीय शैक्षणिक टीम द्वारा किया जाता है। पिछले कुछ वर्षों में, AESL के छात्रों ने विभिन्न मेडिकल एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं, तथा NTSE, KVPY और ओलंपियाड जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में रिकॉर्ड सफलता हासिल की है।


0/Post a Comment/Comments

Previous Post Next Post