मत्स्य पालकों के कल्याण के लिए करें कार्य: संभागायुक्त

सम्भाग स्तरीय समीक्षा के दौरान संभागायुक्त  ने दिए निर्देश


भोपाल ।  सम्भाग के सभी जिलों में पूर्वनिर्मित और वर्तमान में नरेगा के तहत बनी जल संरचनाओ का शत प्रतिशत जिओ टैगिंग करें । टैगिंग उपरांत  उसे विभागीय नियम अनुसार सोसायटी या मछुआ समितियों को बंटन करे। अपने क्षेत्र में मत्स्य पालन क्षेत्र का विस्तार और मत्स्य पालन वर्गों के कल्याण के लिए कार्य करें। यह निर्देश आज संभागायुक्त कवींद्र कियावत ने मतस्य पालन विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को दिए। श्री कियावत ने निर्देश दिए कि जिलों में नरेगा के तहत निर्मित तालाब एवं उत्खनन के उपरांत गड्ढे को जल संरचनाओं के रूप में विकसित करें और मत्स्य पालन क्षेत्र का विस्तार करें। सामूहिक सहभागिता से तालाब को विकसित करें और मत्स्य उत्पादन बढ़ाएं। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा और जल संसाधन विभाग द्वारा निर्मित डैम और छोटे-छोटे जलाशयों की जानकारी एकत्रित करें और उन्हें बल्क उत्पादन के लिए उपयोग में लाएं । आप सभी को मत्स्य पालन क्षेत्र का विस्तार और मत्स्य पालन वर्गों के कल्याण के लिए कार्य करना है। यह सोच को ध्यान में रखकर योजना बनाएं। मत्स्य उत्पादन को दुगना करने का लक्ष्य बनाकर योजना बनाए और उसे धरातल पर क्रियाशील करें। बैठक में उप संचालक श्रीमती शशि कला गोलाई एवं सभी जिलों के  जिला मत्स्य अधिकारी उपस्थित थे।


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