मंदिर के पुजारी के नाम मिली 24 करोड़ की संपत्ति, आयकर में अटेच जमीन पर बना दी क्रिकेट अकादमी

असली किरदार" के नजदीक पहुंचा आयकर!


भोपाल। भोपाल में पिछले तीन दिन से चल रही आयकर विभाग की अभी तक की सबसे बड़ी कार्रवाई में आयकर की टीम अब इस छापे के असली किरदार से कुछ कदम की दूरी पर है। आयकर सूत्रों का कहना है कि पीयूष गुप्ता  ने असली किरदार का नाम अफसरों को बता दिया है। जिसने सैकड़ों करोड़ रुपये पीयूष गुप्ता और राघवेन्द्र सिंह तोमर के जरिए संपत्ति में लगाए हैं। आयकर विभाग बहुत जल्द ही असली किरदार का नाम उजागर कर सकता है। इसी बीच एक चौंकाने वाली जानकारी मिली है कि भोपाल के सोनागिरी क्षेत्र में एक मंदिर के पुजारी के नाम लगभग 24 करोड़ की संपत्ति खरीदी गई है। जबकि इस पुजारी की हैसियत पांच लाख की भी नहीं है। 


आयकर विभाग ने शुक्रवार देर रात छापे के बारे में अधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि छापे में अब तक भोपाल और आसपास की 100 संपत्तियों के दस्तावेज मिल चुके हैं। फिलहाल इसकी कीमत 105 करोड़ आंकी गई है। आयकर ने अपने बयान में साफ कर दिया है कि यह संपत्ति रिटायर अधिकारियों की है। भोपाल में लगभग 22 स्थानों छापे की कार्रवाई की गई थी, इनमें से लगभग 10 स्थानों पर कार्रवाई कल देर रात पूरी कर ली गई है। इन 10 लोगों में अधिकांश वे हैं जिनके नाम करोड़ों की बेनामी संपत्तियां खरीदी गई हैं, जबकि इनकी हैसियत लाखों की भी नहीं है। आयकर विभाग ने शुक्रवार देर रात पीयूष गुप्ता के एनआरआई कालोनी स्थित निवास पर उन सभी लोगों को इकट्ठा किया जिनके नाम संपत्तियां खरीदी गईं थीं। इनका पीयूष गुप्ता आमना-सामना कराया गया। सभी ने गुप्ता के सामने आयकर विभाग को बताया कि संपत्तियों की खरीदी में पूरा पैसा पीयूष गुप्ता ने दिया है। 


दो रोचक किस्से
पहला - कल यह संवाददाता तेज बारिश के बीच पुराने भोपाल के लखेरापुरा  की तंग गलियों में जलेबी वाले की दुकान के सामने बने बहुमंजिल भवन की तीसरी मंजिल पर पहुंचा तो वहां आयकर विभाग संपत्तियों के दस्तावेज बैग में भरकर ले जाने की तैयारी कर रहा था। एक कमरे के इस फ्लैट  में विपिन जैन नाम का युवक किराए से रहता है, जो पीयूष गुप्ता के यहां 15 हजार महीने की पगार पर काम करता है। पीयूष गुप्ता ने संपत्तियों के अधिकांश कागज बैगों में भरकर विपिन के घर छुपाए थे। विपिन की मां चंद्रलता जैन ने बताया कि विपिन और उनके परिवार को इस संपत्ति की जानकारी नहीं है। उन्हें तो कोरोना काल में वेतन भी पूरा नहीं मिल रहा था। दूसरी जानकारी आयकर विभाग के सूत्रों से मिली कि भोपाल में सोनागिरी के एक छोटे से मकान में एक गरीब पुजारी रहता है जिसके नाम 24 करोड़ की संपत्ति खरीदी गई है।
 
भ्रष्ट जोशी दंपत्ति की इंट्री
इस मामले में भ्रष्टाचार में बर्खास्त मप्र के आईएएस जोशी दंपत्ति की भी इंट्री हो गई है। रातीबड़ रोड़ के छापरी गांव में जहां राघवेन्द्र सिंह तोमर ने लगभग 200 करोड़ की लागत से शानदार क्रिकेट एकेडमी बनाई है उसकी लगभग आधी जमीन अरविंद जोशी के माता-पिता के नाम है। इस जमीन को कई साल पहले आयकर विभाग अटेच कर चुका है। जोशी परिवार ने अनुबंध के तहत यह जमीन राघवेन्द्र को सौंपी है। आयकर विभाग को पता चला है कि रायसेन  शहर और खरवई गांव में लगभग 150 एकड़ ऐसी भूमि जो आयकर ने अटेच की है। उस पर भी राघवेन्द्र सिंह का अधिपत्य है। 


पीयूष गुप्ता के कई किस्से
जैसे-जैसे आयकर की खबरें बाहर आ रही हैं। करोड़ों रुपये इधर से उधर करने वाले मास्टर माइंड पीयूष गुप्ता की जालसाजियों के कई किस्से भी उजागर होने लगे हैं। रातीबड़ पुलिस ऐसे एक मामले की जांच कर रही है। बताया जाता है कि पीयूष ने जिनसे संपत्तियां खरीदी हैं उन्हें पीडीसी चेक दे रखे हैं। इनके भुगतान को लेकर भी अब लोग हैरान-परेशान दिखाई दे रहे हैं।


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