कोरोना के रोकथाम और बचाव के लिए सुरक्षा अभियान

संभागायुक्त ने अभियान को सफल बनाने के लिए दिये निर्देश


भोपाल । कोरोना संक्रमण  समाप्त करने के लिए आवश्यक है कि संभाग स्तर से ग्राम स्तर तक सघन प्रचार प्रसार अभियान चलाकर घर-घर तक कोरोना के लक्षण एवं बचाव की जानकारी पहुंचाई जाए।  संभाग में इस जागरूकता अभियान के सफल संचालन के लिए संभागायुक्त कवींद्र कियावत ने कलेक्टर्स सहित सभी विभागीय अधिकारियों को उनके विभागीय कार्य अनुरूप विभिन्न दायित्व सौपे है। राज्य शासन की मंशानुरूप  15 अगस्त से सहयोग से ही सुरक्षा अभियान संचालित किया जा रहा है।  जिसमें सभी विभागों के राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक मैदानी अमले को जोड़ा गया है । यह अमला घर-घर तक सही एवं उचित जानकारी पहुंचाने में सहयोग करेगा । अभियान के तहत सभी गणमान्य नागरिकों से शपथ का वाचन करवाया जाएगा । विभाग के मैदानी कार्यकर्ताओं के सहयोग से अभियान की अपील पर अधिक से अधिक लोगों को हस्ताक्षर करवाकर अभियान की जानकारी जनसामान्य तक पहुंचाई जाएगी।


                    श्री कियावत ने  निर्देशित किया है कि संभाग  स्तर पर विभिन्न विभागों के समन्वय और सहयोग से इस अभियान को सफल बनाएं । इस अभियान के तहत संभाग में   *स्कूल शिक्षा विभाग* एवं आदिवासी विभाग शाला विकास समितियों एवं पालक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों को व्हाट्सएप के माध्यम से अभियान में जोड़ा जाना, ऑनलाइन कक्षाओं में कोविड-19 संबंधी जानकारी दी जाकर विद्यार्थियों को अपने आसपास के परिवारों को जानकारी देने हेतु प्रेरित करना एवं कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए रखी जाने वाली आवश्यक सावधानियों को रखने एवं रखने के लिए प्रेरित करना ।
 इसी तरह पंचायत कर्मियों, पंचायत सचिवों, ग्राम रोजगार सहायक आदि को इस अभियान से जोड़ा जाना। स्व सहायता समूह के सदस्यों को इस अभियान से जोड़ा जा कर सामान्य व्यवहार परिवर्तन करने हेतु प्रेरित करना ,प्रधान शासकीय समिति एवं प्रधान प्रशासकीय समितियों के सदस्यों को सक्रिय रूप से जोड़ा जाना ।
 वन विभाग वन ग्राम तथा दूरस्थ ग्रामों में वन रक्षकों वन समितियों के माध्यम से कोरोनावायरस के बचाव के संदेशों को प्रसारित करेगा।
 नगरीय प्रशासन विभाग के* मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वार्ड मेंबर, सुपरवाइजर, सफाई कर्मी, वार्ड मानिटरिंग समिति आदि को अभियान के सफल बनाने के लिए सक्रिय रुप से जोड़ा जाकर जनसामान्य तक जानकारी पहुंचाएंगे, कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यमों से कोरोना संक्रमण से बचाव के संदेशों को प्रसारित करवाएं, दुकानों, मिल्क पार्लर, नगर के प्रमुख स्थानों पर कोविड-19 संबंधी रखी जाने वाली आवश्यक सावधानियों का प्रदर्शन किया जाएगा।
 महिला एवं बाल विकास विभाग के  आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक, सहायिका एवं कार्यकर्ताओं को इस अभियान में सक्रिय रूप से जोड़कर टेक होम राशन वितरण के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव की जानकारी दी जाएगी।
 पुलिस विभाग चौराहों पर यातायात के नियमों को प्रदर्शित करने के लिए लगाए एलईडी पैनल पर कोरोनावायरस से बचाव के संदेशों को प्रदर्शित करेगा।
 *जनसंपर्क विभाग भी* कोविड-19 संबंधी सफलता की कहानियों को प्रमुखता से प्रकाशित करवाएगा और प्रतिदिन समाचार पत्रों में कोरोना को मिटाने संबंधी जानकारी अलग-अलग रूप मे  जैसे लक्षण, बचाव, बाहर निकलते समय रखी जाने वाली सावधानियां, कोरेंटिन आइसोलेशन में रखी जाने वाली सावधानियों की जानकारी प्रकाशित करवाएगा ।
 उच्च शिक्षा विभाग* समस्त निजी एवं शासकीय विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के पंजीकृत विद्यार्थियों को व्हाट्सएप समूह तथा ईमेल के माध्यम से कोविड-19 संबंधी जानकारी देगा, शासकीय एवं निजी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में गठित एनसीसी एनएसएस एवं पालक शिक्षक समितियों को अभियान में जोड़ा जाकर इन के माध्यम से अभियान के अंतर्गत कोविड-19 विषयक जानकारी घर-घर तक पहुंचाई जाएगी।
 राजस्व विभाग जिला क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप एवं संभाग स्तरीय मानिटरिंग समिति में कोविड-19 विषयक  जानकारी दी जाए एवं अभियान को सफल बनाने के लिए इन्हें सक्रिय रूप से अभियान से जोड़ा जाएगा।
 आयुष विभाग शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गर्म पानी पीने के उपयोग को बढ़ावा देना ,आयुष विभाग द्वारा निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे काढा के नियमित उपयोग का प्रचार प्रसार करना, घर में उपलब्ध दालचीनी, काली मिर्च अदरक, तुलसी का काढ़ा बनाकर उसके उपयोग को बढ़ावा देना आदि शामिल हैं।
                    अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में प्रदेश में कोरोना के संक्रमण की रोकथाम, कोरोना से होने वाली मृत्यु दर में कमी लाना,कोरोना के लक्षण की जानकारी,वायरस फैलने के कारण,संक्रमण से बचाव,उच्च जोखिम समूह की जानकारी, घर के बाहर निकलते समय रखी जाने वाली सावधानियां, क्वारंताइन एवं आइसोलेशन में रखी जाने वाली सावधानियां, कोरोना संक्रमित भेदभाव को दूर करना, कोरोना योद्धा  सम्मान करना , इनसे भेदभाव ना करना और उनके लक्षण ना छुपा कर आरंभिक अवस्था में ही जांच चिकित्सकों की सलाह से पूरा उपचार लेना शामिल है।


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