अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय और फर्स्ट ऐड काउंसिल ऑफ़ इंडिया के बीच समझौता पर हस्ताक्षर


अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय ने अध्ययन केंद्र स्थापित करने के लिए फर्स्ट ऐड काउंसिल ऑफ़ इंडिया के साथ समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर 
आत्मनिर्भर भारत के लिए अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय शुरू करेगा तीन नए कोर्स
भोपाल । अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय और भारतीय प्राथमिक चिकित्सा परिषद् ने लंबे समय से छात्रों की मांग और छात्रहित के लिए विश्वविद्यालय का अपना अध्ययन केंद्र स्थापित करने के लिए समौझाता ज्ञापन  पर हस्ताक्षर किए हैं। इस अनुबंध का लक्ष्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के ऐसे विद्यार्थी जो साधनों के अभाव में शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते, उन छात्रों को शिक्षित करना, रोजगारमुखी पाठ्यक्रम उपलब्ध कराना एवं साक्षरता दर बढ़ाना है। इसके तहत विश्वविद्यालय और एफएसीआई द्वारा मध्यप्रदेश में अध्ययन केंद्र/स्टडी सेंटर व एक्सटेंशन सेंटर खोले जाएंगे।
यह एमओयू रोजगार एवं स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए एक सुनहरी पहल है। विश्वविद्यालय और फर्स्ट ऐड काउंसिल ऑफ़ इंडिया आत्मनिर्भर भारत के तहत छात्रों के लिए एक वर्षीय फर्स्ट ऐड स्पेशलिस्ट डिप्लोमा कोर्स, नेचुरोपैथी एवं योगिक साइंस डिप्लोमा कोर्स व आयुर्वेदिक फार्मा डिप्लोमा कोर्स शुरू करने जा रहा है। गौरतलब है कि अध्ययनरत छात्र/छात्राओं को मध्य प्रदेश शासन के नियमानुसार विश्वविद्यालय द्वारा छात्रवृत्ति भी प्रदान की जाएगी। इस डिप्लोमा को पूरा करके अभ्यार्थी अपना प्राथमिक उपचार केंद्र भी खोल सकेंगे। डिप्लोमा कोर्स के साथ कई तरह के सर्टिफिकेट कोर्स भी संचालित किये जायेंगे जैसे आयुर्वेद एवं चिकित्सा, यूनानी एवं चिकित्सा, होम्योपैथिक फार्मेसी, सिद्ध वैकल्पिक (अल्टरनेटिव मेडिसिन) एवं चिकित्सा एक्यूपंक्चर, नैचुरोपैथिक, योगिक विज्ञान एवं योग तथा प्राकृतिक चिकित्सा शामिल हैं। कोरोना को देखते हुए फिलहाल एफएसीआई छात्रों को ऑनलाइन क्लासेस देगा। यह ऑनलाइन क्लासेस एप के जरिए दी जायेंगी जिसमे पाठ्यक्रम से जुड़ी सभी क्लासेस की विडियो होंगी, जिसको छात्र किसी भी समय अध्ययन कर सकता है। इस समझौता ज्ञापन पर अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के कुलसचिव और फर्स्ट ऐड काउंसिल ऑफ़ इंडिया के प्रतिनिधि अजय साहू ने हस्ताक्षर किए।


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