अंतर्राज्यीय सायबर गिरोह का पर्दाफाश, आधा दर्जन आरोपी गिरफ्तार

भोपाल । क्राइम ब्रांच को गत वर्ष नवंबर में चार इमली क्षेत्र निवासी देवेश पांडे ने पत्नी के साथ क्रेडिट कार्ड का कर्मचारी बताकर 80 हजार रुपयों की धोखा धडी का गई है । शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर आज ठगी करने वाले सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर  उनसे फर्जी सिम कार्ड के साथ ऑर सामान नहीं जब्त किया गया।  पुलिस से प्राप्त जानकारी अनुसार क्राइम ब्रांच थाने में गत 2 नवंबर 2019 को आवेदक देवेश पाण्डेय द्वारा  शिकायत की गई कि उनकी पत्नी भवना पाण्डेय को अज्ञात व्यक्ति द्वारा मोबाइल के माध्यम से क्रेडिट कार्ड का कर्मचारी बताकर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढाने के नाम पर उनके खाते से 80,000/- रूपये का आहरण कर लिया गया, जिस पर थाना क्राईम ब्रॉंच भोपाल  धारा 420 भा.द.वि का पंजीबद्व कर अनुसंधान में लिया गया। अनुसंधान के विश्लेषण के आधार पर सायबर क्राईम भोपाल की टीम द्वारा 24 अगस्त 2020 को डबरा जिला ग्वालियर से निम्न आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस गिरोह का मुखिया नरेन्द्र प्रजापति है जो एयरटेल कंपनी का एफ.एस.ई. (फील्ड सेल्स एक्सीक्यूटिव) है। जो रिटेलरों की आई.डी. से फर्जी एयरटेल मनी एकाउण्ट बनाता है एवं अपने साथी जितेन्द्र सिंह (छद्म नाम नाबालिग) मोहन गुप्ता, मोहित गुप्ता से फर्जी पेटीएम खरीदकर कौशल सिंह बेस (फरार) को बेचता है जो दिल्ली व अन्य राज्यों में सप्लाई करता है।ऽविकास जैन :-जो कि रिटेलर है जिसकी एयरटेल कंपनी की लापू सिम से प्रकरण के फर्जी एकाउण्ट का एयरटेल मनी एकाउण्ट बनाया गया है, जिससे प्रकरण में धोखाधडी कर पैसे निकाले गए हैं।
जितेन्द्र सिंह  नाम नाबालिग यह मोहित गुप्ता, मोहन गुप्ता, सतीष दुबे से फर्जी ओटीपी सिम, फर्जी पेटीएम एकाउण्ट सिम खरीदता है एवं नरेन्द्र प्रजापति, कौशल (फरार आरोपी), कृष्णपाल सिंह भदौरिया को बेचता है जिसमे कौशल सिंह एवं कृष्णपाल सिंह भदौरिया खरीदे हुए फर्जी एकाउण्ट दिल्ली में सप्लाई करते हैं। 


मोहित गुप्ता, मोहन गुप्ता दोनों भाई हैं जो रिटेलर एवं डिस्ट्रीब्यूटर हैं। दोनो ही मोबाइल के माध्यम से फेक आई.डी. मेकर एप्लीकेशन द्वारा स्वयं की फोटो का उपयोग कर फर्जी आधार कार्ड एवं बोटर कार्ड बनाकर उस पर फर्जी सिम तैयार करके उन सिमों पर फर्जी पेटीएम एकाउण्ट बनाकर जितेन्द्र सिंह (छद्म नाम नाबालिग), नरेन्द्र प्रजापति एवं कौशल सिंह (फरार आरोपी) को सप्लाई करते हैं। इसके अतिरिक्त अरोपीगण द्वारा पूर्व में बनाये गये पेटीएम खाते में प्रयुक्त नंबर जो पूर्व किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग कर पेटीएम खाता बनाया गया हो तथा जिसमें केवायसी अपडेट हो तथा वह सिम वर्तमान में किसी के द्वारा उपयोग नही की जा रही हो, उसे पुनः रिइष्यु करवा कर पेटीएम खाते बेच देते थे।   जो रिटेलर है जो एयरटेल कंपनी की लापू सिम से ग्राहको से एक ही समय में दो बार अंगूठा लगवाकर दो सिम एक्टिवेट कर एक सिम ग्राहक को दे देता था और एक सिम अपने पास रख लेता था। उक्त सिम पर अगले ग्राहक के आधार कार्ड एवं अंगूठा का उपयोग कर एयरटेल मनी अकाउण्ट एक्टीवेट करवा कर कौषल सिंह को बेच देता था। गिरफ्तार आरोपी फर्जी सिम व फर्जी एयरटेल मनी एकाउण्ट दिल्ली व अन्य राज्यों में सायबर क्राईम करने वाले लोगों तक पहॅुंचाते थे। प्रत्येक फर्जी सिम व फर्जी मनी एकाउण्ट के बदले  में 500/- की राशि प्राप्त होती थी। ऽउक्त आरोपियों द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप (फ्राड केवाइसी, फ्राड मनी, फ्राड एयरटेल मनी) बनाए गए हैं। इन ग्रुपों के माध्यम से आरोपी अन्य राज्यों के सायबर क्राईम से जुडे अपराधियों के सम्पर्क मे रहते थे एवं जिनको फर्जी आई.डी. या केवाईसी/सिम/वालेट की आवश्यकता होती थी उन्हे ये सप्लाई करते थे। फेक आई.डी. मेकर एप्लीकेशन द्वारा स्वयं की फोटो का उपयोग कर फर्जी आधार कार्ड एवं बोटर कार्ड बनाकर उस पर फर्जी सिम तैयार करके उनका उपयोग कर सिम एक्टिवेट कर लेते है इसके लिये टेलीकॉम कंपनी के द्वारा कोई फिजीकल वेरीफिकेषन नही किया जाता है, आरोपीगण टेलीकॉम कंपनी के टेलीवेरीफिकेषन सर्विस का उपयोग कर सिम एक्टिवेट कर बेच देते है। आरोपीगणो से स्वयं की फोटो का उपयोग कर एक्टिवेटड 537 सिम जप्त हुई।   आरोपियों से लगभग 800 फर्जी वोटर आईडी कार्ड , 125 फर्जी आधार कार्ड , 800 इस्तेमाली सिम, प्रिंटर 1 नग, मोबाईल फोन 12 नग, बीसी मशीन 1 नग, पेटीएम किट 8 नग सामान जप्त किया गया।


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