26 अगस्त से 11 सितम्बर तक चलेगा पेंशन प्रकरण निराकरण

भोपाल।  संभागायुक्त ने सभी कलेक्टर्स को 26 अगस्त से 11 सितम्बर तक पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए सभी कार्यालयों में विशेष अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए हैं। संभागायुक्त कवींद्र कियावा ने कहा है कि बड़ी संख्या में ऐसे शासकीय सेवकों के आवेदन प्राप्त हो रहे हैं जिनमें सेवा निवृत्ति उपरांत देय स्वत्वों एवं पेंशन प्रकरण के निराकरण न होने का उल्लेख है। उन्होंने कहा है कि यह अत्यंत ही खेद का विषय है कि शासकीय सेवक की सेवा निवृत्ति के समय उनके पेंशन प्रकरण एवं समस्त देय स्वत्वों का निराकरण नहीं हो पा रहा हैं और इस कारण शासकीय सेवक को सेवा निवृत्ति उपरांत शासकीय कार्यालयों में चक्कर लगाना पड़ रहे है। संभागायुक्त ने कहा है कि सभी जिला अधिकारी अपने-अपने कार्यालय/विभाग में गत् 5 वर्षों में सेवा निवृत्त हुए सभी शासकीय सेवकों की सूची बनाकर यह चिन्हित करेंगे कि उनके पेंशन प्रकरण, अवकाश नकदीकरण, जी.पी.एफ., डी.पी.एफ.,जी.आई.एस. एवं एफ.पी.एफ. आदि का भुगतान हो गया है अथवा नहीं। जिन शासकीय सेवकों के उक्त स्वत्वों का निराकरण नहीं हुआ है, उन शासकीय सेवकों की अलग-अलग श्रेणी के दावों की सूची पृथक से तैयार कर निराकरण के लिये कार्यवाही प्रारंभ करें। जिला अधिकारी द्वारा चिन्हांकित प्रकरणों में जो-जो कार्यवाही की जाना है, वह अभियान के प्रथम 2 दिवस में पूर्ण कर पेंशन प्रकरण को जिला अधिकारी एवं उनके सहयोगी व्यक्तिशः जिला पेंशन अधिकारी के पास निराकरण के लिये लेकर जाएंगे। जिला अधिकारी पेंशन प्रकरण को जिला पेंशन अधिकारी या उनके स्टाफ से समक्ष में चर्चा कर प्रकरण का परीक्षण कर यह ज्ञात करेंगे कि प्रकरण में कोई कार्यवाही शेष तो नहीं है अथवा प्रकरण अपूर्ण तो नहीं है। जिला पेशन कार्यालय द्वारा बताई गई अपूर्ण कार्यवाही को पूर्ण करवाकर जिला अधिकारी अपने शाखा प्रमुख के माध्यम से पूरा प्रकरण जिला पेंशन अधिकारी को भिजवाएंगे। जिला पेंशन अधिकारी आगामी 2 दिवस में संपरीक्षा कर उसमें स्वीकृति आदेश जारी करना सुनिश्चित करें। यदि कोई कमी भी पाई जाती है तो संबंधित जिला अधिकारी को दूरभाष पर संपर्क कर पेंशन कार्यालय में ही वह कमी पूरी करवाई जाए। 

जो प्रकरण जिला पेंशन अधिकारी के स्तर पर स्वीकृत किये जाकर पी.पी.ओ. जारी किये जा सकते हैं, उसके पी.पी.ओ. जारी कर दिये जाएं तथा अभियान समाप्ति के उपरांत जिला कलेक्टर के निर्देशन में पी.पी.ओ. का वितरण किया जाए ताकि जिला कलेक्टर को विभिन्न जिला अधिकारियों एवं जिला पेंशन अधिकारियों के द्वारा किये गये प्रयासों की जानकारी रहे। जिन प्रकरणों का निराकरण संभागीय पेंशन अधिकारी अथवा विभागाध्यक्ष के द्वारा किया जाना है, उन प्रकरणों को तैयार कर वे संबंधित कार्यालय को इस अभियान के दौरान प्रेषित करना सुनिश्चित करेंगे। 

 

अभियान के अंत में जिला कलेक्टर इस बात की समीक्षा भी करेंगे कि उनके जिले में विभिन्न विभागों के पेंशन एवं देय स्वत्वों के निराकरण के लिये कितने प्रकरण निर्धारित किये गये थे, कितने निराकृत हुए और कितने निराकरण के लिये शेष हैं। जिला कलेक्टर निराकरण के लिये शेष प्रकरणों के कारणों को भी जिला अधिकारी से प्राप्त करेंगे।

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