विश्व युवा कौशल दिवस:  टीसीएस आईओएन ने शुरू किया युवा रोजगार-योग्यता और उद्यमशीलता विकास कार्यक्रम 

छात्रों को व्यापक व्यावसायिक कौशल विकसित करने और उद्यम क्षेत्रों के गणमान्यों से मार्गदर्शन पाने में मदद करने के लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस ने शुरू किया नया प्रोग्राम


मुंबई ।  सूचना प्रौद्योगिकी सेवा, व्यावसायिक सलाह और सुविधाएं प्रदान करने वाली वैश्विक स्तर की अग्रणी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस (टीसीएस) (बीएसई: 532540, एनएसई: TCS) का नीतिक यूनिट टीसीएस आईओएन ने विश्व युवा कौशल दिन पर व्यावसायिक कोर्सेस कर रहे छात्रों के लिए टीसीएस आईओएन युथ एम्प्लॉयबिलिटी एंड एंट्रेप्रेन्यॉरशिप प्रोग्राम (वायईईपी) शुरू किया है।


टीसीएस आईओएन यीप को फिजिटल मॉडल में चलाया जाता है। डिप्लोमा, आईटीआई और अन्य व्यावसायिक कोर्सेस कर रहे या पूरे किए हुए युवाओं के जीवन, करिअर और उद्यमशीलता कौशल बढाकर उनका व्यापक विकास करना इस प्रोग्राम का उद्देश्य है। गहन अनुसंधान से विकसित किए गए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के स्त्रोत, ग्रुप एक्सर्साइज़ेस और अपने मानदंड समझकर उनमें सुधार करने के लिए विशेष टूल्स इसमें शामिल हैं। इस प्रोग्राम के जरिए छात्र नौकरी के अवसर ढूंढ सकते हैं, नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं, विशेष क्षेत्र के स्थानीय तज्ञों से स्वयं-रोजगार का विशेष कौशल प्रशिक्षण पा सकते हैं।


यह प्रोग्राम अहमदाबाद के एंट्रेप्रेन्यॉरशिप डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया (ईडीआईआई) इस संस्थान के सहयोग से बनाया गया है। यह उद्यमशीलता, शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और संस्थान निर्माण क्षेत्र का राष्ट्रीय स्त्रोत संस्थान है। व्यवसाय की शुरूआत और व्यवसाय को लंबे समय तक चलाना इनका ज्ञान छात्रों को देने के लिए यह संस्थान यीप की मदद करेगा, साथ ही अवसरों की पहचान और स्थानीय मार्गदर्शकों की मदद से व्यवसाय की संकल्पना बनाना यह ईडीआईआई के तज्ञों के निरीक्षण में किया जाएगा।


टीसीएस आईओएन ग्लोबल हेड श्री. वेंगूस्वामी रामास्वामी ने बताया, "स्वयंरोजगार को बढ़ावा देने के लिए भारत के युवाओं में उद्यमशीलता कौशल विकसित करना जरुरी है। हमें आशा है कि इस प्रोग्राम से आत्मनिर्भरता की दिशा में युवा पीढ़ी के विकास को बढ़ावा मिलेगा और वे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगे।"


ईडीआईआई के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला ने कहा, "वर्तमान स्थिति में उद्यमों के पास ज्ञान, कौशल और विशेष दृष्टिकोण होना बहुत जरुरी है। इन तीनों से उद्यमों में चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी मजबूत रहने की क्षमता निर्माण होती है। आज हर उद्यमी के पास मार्केट और वहां के उतारचढ़ावों को समझने की क्षमता होना आवश्यक है। टीसीएस आईओएन युथ एम्प्लॉयबिलिटी एंड एंट्रेप्रेन्यॉरशिप प्रोग्राम से सर्जनशील उद्यमशीलता का विकास होगा और हमारे युवा सक्षम उद्यमी बनेंगे।"


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