टेलीवीजन की सरकार को कमलनाथ की तरह विजन की सरकार बनाईये : सज्जन वर्मा

कोविड गाइडलाईन का माखौल उड़ाकर क्या बताना चाहते हैं शिवराज


अस्पतालों के नियम और शुचिता से खिलवाड़ उचित नहीं 


भोपाल ।मध्य प्रदेश सरकार ने एक निजी अस्पताल परिसर से जो वर्चुअल कैबिनेट आयोजित कीऔर उसका सार्वजनिक प्रसारण कर  नियमो और बिजनेस प्रक्रिया को अपमानित किया।उसकी अपरिहार्यता पर सरकार को अपना मंतव्य जारी करना चाहिए ।क्या प्रदेश के विकास का नया मॉडल इवेंट बाजी के माध्यम से ही सामने आएगा ?


प्रदेश के पूर्व लोक निर्माण मंत्री सज्जन वर्मा ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि कोविड के मरीजों को जिन गाइडलाइंस का पालन करना चाहिए उनका उल्लंघन करके मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश की जनता और विशेषकर कोरोना के मरीजों को क्या संदेश दिया है ? 
पूरे प्रदेश में इस बात की मांग हो रही है कि मरीज के परिजनों को मरीज की हालत और किए जा रहे चिकित्सा उपाय की जानकारी वीडियो के माध्यम से लेने दी जाए किंतु जहां सरकार स्वयं कहती है कि कोविड के मरीज का नाम और पहचान जाहिर ना की जाए वही स्वयं मुख्यमंत्री स्वयं के  पॉजिटिव होने की घोषणा करें तो कोरोना गाइडलाइंस का प्रदेश में कैसे पालन होगा? इसका जबाब स्वयं मुख्यमंत्री को देना चाहिए। कोरोना पेशेंट को आइसोलेशन में इसीलिए रखा जाता है ताकि अन्य कोई व्यक्ति उसके संपर्क में ना आए किंतु मुख्यमंत्री से कतिपय मंत्री और भाजपा के कार्यकर्ता धड़ल्ले से अस्पताल में मिल रहे हैं क्या यह उचित है? सज्जन वर्मा ने मांग की है कि इस तरह की कैबिनेट आयोजित करने के लिए पब्लिक एक्सचेकर पर कितना अतिरिक्त व्यय आया है सरकार सार्वजनिक करे। उन्होंने अपेक्षा की है कि ऐसे साफटवेयर जिसके प्रयोग पर केंद्र सरकार ने एडवायजरी जारी की है,पर वर्चुअल केबिनेट की इवेंट बाजी कर केंद्र के सुझाव की धज्जियां उड़ा रही है ।वेहतर होता सरकार अपने अंगवस्त्रों की चर्चा करने की बजाय अपने  डिलीवरी सिस्टम को चाक-चौबंद करती जिसकी असफलता के कारण कोरोना मध्यप्रदेश में तेजी से फैल रहा है।


 


 


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