तीन जुलाई श्रम विरोधी नीति को लेकर मनाया जाएगा चेतावनी दिवस

नीमच। मजदूरों के शोषण को लेकर कोरोना संक्रमण को लेकर देश व प्रदेश में संघर्ष निरंतर जारी है। कोरोना संक्रमण को लेकर केन्द्र सरकार मजदूर विरोधी कानून को ताबड़-तोड़ में लागू कर रही है। म.प्र. की शिवराज सरकार भी श्रम कानून को ध्वस्त कर और गंभीर हालात बना दिये है श्रम कानून को लेकर म.प्र. की भाजपा सरकार मजदूर विरोधी बनी हुई है। लोकडाउन के चलते मजदूरों के दर्दनाक हालात और आम गरीबों की बदहाल जिंदगी की हकीकत सबके सामने है। केन्द्र सरकार द्वारा घाषित पैकेज में मजदूरों के लिये कुछ भी नहीं है। सरकार की मजदूर विरोधी नीति तथा राष्ट्र विरोधी नीति को लेकर नीमच जिला इंटक के अध्यक्ष भंवर शर्मा तथा महासचिव भगत वर्मा ने अपने एक बयान में कहा कि नई श्रम नीति के तहत श्रमिको का हक सरकार छीन रही है। सार्वजनिक क्षेत्र सहित देश की समुची अर्थव्यवस्था को विदेशी पूँजी के हवाले करने का रास्ता केन्द्र सरकार ने खोल दिया है। प्रतिदिन नई घोषणाएँ हो रही है। कोरोना संक्रमण की महामारी, बेरोजगारी, छटनी, तालाबंदी, भुखमरी जैसी परिस्थितियों से उसे अपना व अपने परिवार का भविष्य संकट में दिख रहा है। मजदुर विरोधी श्रम नीतियों के हालात को देखते हुए अखिल भारतीय स्तर पर देश के 10 श्रमिक संगठनों जिसमें इंटक, सीटु, ए.आई.यु.टी.यु.सी., एच.एम.एस., एटक, म.प्र. बैंक एम्प्लायस, बीएसएनएल, म.प्र. तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, सेन्ट्रल जोन बीमा एसोसिएशन आदि संगठनों ने सहमति से तय किया है कि पूरे प्रदेश में केन्द्र व राज्य सरकार को आने वाले असहयोग व अवज्ञा आंदोलन की पूर्व चेतावनी स्वरूप तीन जुलाई को संयुक्त चेतावनी दिवस मनाया जाएगा। श्री वर्मा ने बताया कि संयुक्त संगठनों की मांग है कि श्रम कानून जो बदल दिया है, उसे तुरंत समाप्त किया जाए। श्रमिक विरोधी संशोधन बिल वापस लिया जाए प्रवासी श्रमिकों को उपयोगी रोजगार दिया जाए। ट्रांसपोर्ट क्षेत्र के चालक-परिचालक, हेल्पर, कृषि मंडी के हम्माल तुलावटी मजदूरों सहित असंगठित श्रमिकों के खाते में कम से कम साढ़े 7 हजार 5 सौ रूपये प्रतिमाह दिया जाये तथा बिजली वितरण का निजीकरण का फैसला वापस लिया जाए। कोरोना वायरस में अहम भूमिका निभाने वाले आशा-उषा आंगनवाड़ी कर्मियों को तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को प्रतिमाह 10 हजार रूपये तथा अन्य सुरक्षा सामग्री दिलवाई जाये। श्री वर्मा ने बताया कि तीन जुलाई को सभी श्रमिक जो जहां काम कर रहे है वहां पर बेनर पोस्टर के माध्यम से राज्य व केन्द्र सरकार के विरूद्ध विरोध प्रदर्शन करेंगे।


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