सीपीआई ने की गुना के गुनाहगारों पर कार्यवाही की माँग

पीड़ित परिवार को मुआवजा और भूमि का मालिकाना प्रदान किया जाये
भोपाल।  भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की मप्र इकाई ने विगत दिनों गुना में पुलिस द्वारा दलित किसान परिवार के साथ की गई अमानवीय और बर्बर कार्यवाही की कड़ी निंदा करते हुए आरोपी पुलिस कर्मियों, थानाध्यक्ष, पटवारी, तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारी के ऊपर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्यवाही की माँग की है। इसके अलावा सीपीआई ने पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा प्रदान करने एवं कृषि भूमि का मालिकाना अधिकार प्रदान करने की भी माँग उठाई है। पार्टी ने एक जाँच दल का गठन किया है जो मौके पर जाकर तथ्यों की पड़ताल करेगा एवं दल की रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन दिया जायेगा। 
सीपीआई के राज्य सचिव मण्डल सदस्य एवं मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र शैली ने प्रेस की जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि राज्य सरकार ने वीडियो वायरल होने के बाद जिला कलेक्टर और एसपी का ट्रांसफर तो कर दिया, जो मौके पर थे ही नहीं। इस आधार पर तो स्वयं मुख्यमंत्री और गृह मंत्री के इस्तीफे का भी आधार बनता है। परंतु अकल्पनीय अमानवीयता बरतने वाले जमीनी अधिकारियों और पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही किये बिना न्याय सम्भव नही है। इसलिये पार्टी माँग करती है कि उपरोक्त अधिकारियों और कर्मचारियों पर एफआईआर दर्ज की जाये। 
सीपीआई यह भी माँग करती है कि पीड़ित किसान के परिवार को 5 लाख रुपये की मुआवजा राशि तात्कल प्रदान की जाये। इसके अलावा दंपत्ति को 5 एकड़ कृषि भूमि का मालिकाना अधिकार प्रदान किया जाये। 
पार्टी की ओर से एक राज्य स्तरीय जांच दल गठित किया गया है जो कल गुना जाकर पीड़ित परिवार और प्रशासन से चर्चा कर तथ्यों की पड़ताल करेगा। इस दल में पार्टी के राज्य सह सचिव कॉमरेड रूप सिंह चौहान, क्रन्तिकारी दलित संघर्ष मोर्चे के राज्य संयोजक डीडी वासनिक, अखिल भारतीय किसान सभा के राज्य महासचिव प्रह्लाद बैरागी औरऑल इंडिया युथ फेडरेशन के राज्य महासचिव राहुल आदि शामिल हैं। इस जांच दल की रिपोर्ट आने के बाद फिर पार्टी राज्य नेत्तत्व अपने अगले कदम को तय करेगा। 


 


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