पंचायत कर्मियों को 15 जुलाई से वेतन नहीं तो काम नहीं आंदोलन': शर्मा

कोरोना महामारी के चलते 5 माह से पंचायत सचिवों को नहीं मिला वेतन


भोपाल ।मध्य प्रदेश पंचायत सचिव संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया गया कि यूं तो प्रदेश के 23 हजार पंचायत सचिवों को सरकार ने करोना योद्धा घोषित किया है। योद्धा घोषित होते ही पंचायत सचिव कोरोना महामारी से लड़ने के लिए 52 हजार गांव में अपनी जान पर खेलकर जनता की रक्षा, सुरक्षा कर रहे हैं । पर नाम तो कोरोना योद्धा है और उन्हीं के घरों में खाने के लाले हैं , क्योंकि वेतन बजट आवंटन के अभाव में प्रदेश के पंचायत सचिवों को चार-पांच माह का वेतन नहीं मिला है और जवाबदेह लोग सिर्फ यह सोचकर आग लगे बस्ती में मस्तराम मस्ती में समझ कर सो रहे हैं। लेकिन अब पंचायत सचिव संगठन सोएगा नहीं कुंभकरण की नींद बल्कि शासन और प्रशासन को जगायेगा।आगे मध्य प्रदेश पंचायत सचिव संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि 7 दिन में वेतन भुगतान नहीं हुआ तो 15 जुलाई से वेतन नहीं तो काम नहीं आंदोलन का आगाज संगठन द्वारा किया जाएगा।आज प्रेस वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवों के साथ अन्याय की इंतेहा हो गई है। सातवां वेतनमान 7% डीए एवं छठवें वेतनमान मे सेवा की गणना नियुक्ति दिनांक से करना तो दूर की बात पांच -पांच महीने से पंचायत सचिवों को वेतन नहीं दिया जा रहा है ।पूरे प्रदेश के पंचायत सचिव आर्थिक तंगी के कारण और कोरोना महामारी में दोहरी ड्यूटी के कारण आत्महत्या पर मजबूर हो रहे हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने कहा कि कोई भी सरकारी आय सबसे ज्यादा काम करने वाले पंचायत सचिवों को ही खून के आंसू रुलाती है । शर्मा ने आगे कहा कि आज मुख्यमंत्री और अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर मांग करूंगा कि सात दिवस में पंचायत सचिवों का आवंटन जारी नहीं हुआ और नियमित वेतन भुगतान की गूगल पे अकाउंट की व्यवस्था लागू नहीं की गई तो वे स्वयं मंत्रालय के सामने अकेले धरने पर बैठेंगे और 23 हजार सचिव पंचायत पर ताला लगाकर अपने संगठन के आह्वान पर वेतन नहीं तो काम नहीं आंदोलन के तहत अपने घर बैठेगें। अंत मे उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में 5 माह से वेतन भुगतान नहीं होने से पंचायत सचिवों द्वारा बाइक लोन, होम लोन, पर्सनल लोन आदि की किस्तें आवरड्यूज होने लगी हैं। घर व वाहन पर बैंकों के कब्जे करने के सैकड़ों प्रकरण हैं । इसी की वजह से ल पंचायत सचिवों में भारी आक्रोश और आर्थिक तंगी के कारण निराशा और हताशा का माहौल है। उन्होंने प्रदेश के पंचायत सचिवों से आह्वान किया है कि मध्य प्रदेश पंचायत सचिव संगठन हर उस व्यवधान,बाधा, अव्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद करेगा जो पंचायत सचिवों के हितों की रक्षा और अधिकार में बाधा बनकर उभरेगी ।


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