मप्र पर्यटन विकास निगम के कर्मचारियों को नोकरी से निकालने एवं वेतन कटोत्री का इंटक द्वारा विरोध

भोपाल। मप्र राष्ट्रीय मजदूर काँग्रेस इंटक ने मप्र पर्यटन निगम में आउटसोर्स के562 कर्मचारियों को सेवा से प्रथक करने एवं स्थाई कर्मचारियों के वेतन से 40 प्रतिशत कटोत्री करने का विरोध किया है। मप्र इंटक अध्यक्ष आरडी त्रिपाठी की ओर से प्रेस को जारी यान मे इंटक प्रदेश सचिव प्रवेश मिश्रा ने कहा है कि कोविड 19 कोरोना महामारी जो कि राष्ट्रीय आपदा है ऐसे समय मे मजदूर कर्मचारियों की रोजी रोटी की रक्षा करना सरकार और संसथानों के प्रवंधनों का नैतिक दायित्व है और राष्ट्रीय आपदा अधिनियम2005 कर्मचारी मजदूरों को संरक्षण देता है। पर ठीक इसके विपरीत मप्र पर्यटन निगम प्रबंधन हो या अन्य औधौगिक संस्थान राष्ट्रीय आपदा कानून को ताक रख कर कर्मचारियों को सेवा से प्रथक कर छटनी करते जा रहे हैं। जबकि भारत सरकार के दिशा निर्देशानुसार न किसी कर्मचारी को नौकरी से निकालना चाहिये न  वेतन कटौत्री करना चाहिये। .इंटक अध्यक्ष श्री त्रिपाठी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से माँग की है कि वे हस्तक्षेप कर पर्यटन निगम प्रबंधन को आदेशित करें कि 562 आउट सोर्स के कर्मचारियों को पुन:ड्यूटी पर लें तथा स्थाई कर्मचारियों की वेतन की जा रही कटौत्री बन्द करें। श्री त्रपाठी ने मुख्यमंत्री और प्रशासनिक मुखिया मुख्य सचिव इकबाल सिंह वैश्य, श्रमायुक्त मप्र से अनुरोध किया है कि वे सभी फैक्ट्री मालिकों, निगम मण्डल प्रमुखों को आदेशित कर, अवैध छटनी, जबरन इस्तीफे, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अन्तर राज्यी स्थानांतरों पर रोक लगवायें।और राष्ट्रीय आपदा अधिनियम 2005 एवं भारत सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करावें, जिससे गरीब मजदूर कर्मचारियों की रोजी रोटी बची रह सके।


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