म.प्र.में यात्री बसों का संचालन सितंबर तक स्थगित कर स्टाफ को राशन एवं राहत राशि दे सरकार:इंटक


 म.प्र.में कोरोना सकृमण को द्रष्टिगत रखते हुये
भोपाल। मप्र इंटक अध्यक्ष आरडी त्रपाठी इंटक महामंत्री एवं मप्र ट्रांसपोर्ट वर्कर्सफेडरेशन इंटक अध्यक्ष कृपाशंकर वर्मा महामंत्री प्रवेश मिश्रा ने म.प्र.सरकार से मांग की है कि बदते कोरोना संकृमण पर नियंत्रण के लिये लम्वी दूरी की यात्री बसों का संचालन 30 सिप्तम्वर तक स्थगित कर कर्मचारियों को राशन एवं 7500रुपये प्रतिमाह राहत राशि सरकार उपलव्ध कराये?इंटक अध्यक्ष श्री त्रपाठी एवं महामंत्री और फेडरेशन अध्यक्ष श्री वर्मा के निर्देश पर म.प्र.ट्रांसपोर्ट बर्कर्स फेडरेशन इंटक के महामंत्री प्रवेश मिश्रा ने उक्ताशय का पत्र मुख्यमंत्री को भेजकर निम्नानुशार शासन का ध्यान आकर्षित कर निराकरण का अनुरोध किया है।-


1-यह कि देश के साथ ही म.प्र.में कोरोना संकृमण तीब्रगति से बड़ता जा रहा है जिसके कारण सरकार ने विधानसभा मानसून सत्र भी स्थगित करते हुये गणेश उत्सव, ईद, नवदुर्गा उत्सव, सार्वजनिक समारोह, हाट वाजार पर प्रतिवंध लगाते हुये शादी समारोह शव यात्रा में भी कुल20लोग जाने की अनुमति दी है।अन्य गतिविधिया भी स्थगित हैं।येसे हालत में यात्री बस संचालन हो पाना असंभव है।अत: सामान्य स्थिति होने तक बस संचालन स्थगित रखा जावे।
2-सम्पूर्ण देश में18 हजार ट्रेनों में से मात्र 200 ट्रेने खाली चल रही हैं बहुत कम यात्री चल रहे हैं।प्रदेश के अन्दर ही चलने वाली ट्रेने भी यात्री अभाव में बन्द हैं।अत:जब प्रदेश में सरकारी ट्रेन नहीं चल पा रहीं है तो प्राईवेट बसें केसे चल सकती हैं।
3-उपरोक्त स्थिति में प्रदेश के अन्दर यात्री बस संचालन के आदेश देना , कोरोना को पूरे प्रदेश में फेलाने का खुला निमंत्रण है?वो तो बस संचालकों ने घाटे के डर एवं टेक्स माफ न होने से बसें संचालित नहीं की हैं,नहीं तो कम यात्रियों से ही कोरोना गाँव शहर सभी जगह इन्दौर भ़ोपाल की तरह फेल जाता और स्थिति नियंत्रण से वाहर हो जाती,अत:प्रदेश के अन्दर30सिप्तम्वर तक बस संचालन स्थगित किया जावे।
4-यह कि जहां अनलाँक में छुट पुट उधौगधन्दे प्रारंभ होकर थोक एवं फुटकर दुकान दारी प्रारंभ हुई है जिससे इस क्षेत्र के श्रमिकों को तो रोजगार मिल गया है।परन्तु यात्री बसें बन्द होने से बसों के चालक ,परिचालक,हेल्पर मेकेनिक पूर्ण रुप से बेरोजगार हैं 1.50 लाख परिवार भुखमरी के हालात में हैं।अत:इन्हे 30 सितंबर तक निशुल्क राशन एवं7500 रुपये प्रतिमाह राहत राशि दी जावे।
5-कोरोना महामारी में छोटे बस संचालक जिनके जीवन यापन का सहारा बस संचालन ही था।वे बस चलाकर किस्त टेक्स भरते हुये परिवार का भरण पोषण करते थे।बसें न चलने से किस्तों एवं परिवार के भरण पोषण के लिये, लिये जा रहे कर्ज तले दबते चले जा रहे हैं।अत:इन्हे सरकारी गारंटी पर दो-दो लाख रुपये ऋण दिलाया जावे।जिससे अपना व्यवसाय प्रारंभ कर सकें।
6-बसें संचालित न होने पर भी म.प्र.सरकार ने 22मार्च से अब तक असंचालित बसों का टेक्स माफ नहीं किया है।जिससे प्रदेश के सभी बस संचालक भारी परेशान हैं।भविष्य के प्रति चिन्तित हैं।अत:22 मार्च से 30 सितंबर तक का सकल कर शून्य किया जावे।
7-यह कि सरकार टेक्स माफ कर बसें संचालित कराती भी है तो कम यात्रियों के कारण सभी बसें नहीं चल सकेंगी।इसलिये असंचालित रहीं या भविष्य में असंचालित रहने वाली बसों को राष्ट्रीय आपदा अधिनियम 2005 का लाभ देते हुये सामान्य स्थिति हो ने तक नि:शुल्क नाँनयूज की सुविधा दी जावे।इंटक अध्यक्ष श्री त्रपाठी ने मुख्यमंत्री से शीघ्र कार्यवाही कर राहत पहुँचाने की मांग की है।


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