संवेदनशील समाज ही बालश्रम को रोक सकता है: डॉ राघवेन्द्र शर्मा

भोपाल। हमीदिया महाविद्यालय द्वारा विश्व बालश्रम निषेध दिवस पर वेबीनार का आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना, शासकीय हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय द्वारा विश्व बालश्रम निषेध दिवस पर 'बाल संरक्षण में रासेयो स्वयंसेवक की भूमिका' विषय पर वेबीनार का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य वक्ता मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ.राघवेन्द्र शर्मा,रासेयो कार्यक्रम अधिकारी एवं ईटीआई प्रशिक्षण राहुल सिंह परिहार ने अपने विचार व्यक्त किए।अध्यक्षता प्राचार्य डॉ.पीके जैन, संयोजन जिला संगठक रासेयो डॉ.आरएस नरवरिया तथा संचालन आशुतोष मालवीय ने किया। डॉ. शर्मा ने कहा कि हम केवल कानून के सहारे बालश्रम को नहीं रोक सकते, संवेदनशील समाज ही इस भयावह अपराध को रोक सकता है। ग़रीबी, भूखमरी, बेरोजगारी के साथ संवेदनाओं का अभाव इसका बड़ा कारण है।आज विश्व के 194 देश बालश्रम जैसी भयावह स्थिति से गुजर रहे हैं, आंकड़े यह कहते हैं कि भारत में लगभग 6 करोड़ बच्चे आज भी बालश्रम करते हैं। जब बच्चों के साथ शोषण होगा तो वह विद्रोही मनुष्य बनकर समाज के सामने आएगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यवस्थाओं में बच्चों के मुद्दे प्राथमिकता में नहीं है, क्योंकि वह वोटर नहीं है। इसलिए इस चुनौती से निपटने के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है।अंत में उन्होंने कहा कि राष्ट्र को समृद्ध और शक्तिशाली बनाने का भाव राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों में सदैव से रहा है, दशा और दिशा को बदलने का कार्य नौजवान ही कर सकते हैं । आज के बच्चे ही कल का भविष्य वेबीनार में रासेयो के ईटीआई प्रशिक्षण राहुल सिंह परिहार ने कहा कि आज के बच्चे ही कल का भविष्य है, हमारी भूमिका है कि हम समाज में जागरूकता के लिए हर संभव प्रयास करें, बच्चों के चेहरे पर मुस्कान के साथ उनके हाथों में कलम और किताब हो। वेबीनार में प्रोफेसर डॉ.आरपी शाक्य, डॉ.अनिल पालीवाल, डॉ रेखा गुप्ता,डॉ.नंदकिशोर मीणा,शुभम चौहान,दानिश खान,रवि पवार,अभिलाष ठाकुर सहित रासेयो स्वयंसेवक उपस्थित रहे।


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