राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये चलाए अभियान: कियावत

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर्स को दिए निर्देश


भोपाल । प्रदेश में  कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर प्रदेश सरकार के द्वारा दो माह से अधिक समय के दौरान लंबित पड़े राजस्व मामलो को जल्द निराकरण करने के निर्देश आज संभागायुक्त ने कलेक्टरों को बरहक़ में दिए। कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के प्रतिबंध शिथिल होने से शासकीय कार्य अब तेजी और सुचारू रूप से संचालित हो। सभी योग्य हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का अधिकतम लाभ मिले। संभागायुक्त कवींद्र कियावत ने आज सभी जिलों के कलेक्टर्स से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठकमें दिए। बारिश पूर्व तैयारियों, राजस्व, महिला बाल विकास, कृषि, डेयरी विकास, स्ट्रीट वेंडरों के पंजीयन, रबी उपार्जन आदि विषयों पर संभागायुक्त ने सभी विभागों को आपसी समन्वय और सहयोग से जनहित में तय लक्ष्यों की प्राप्ति के निर्देश दिए। बारिश पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए श्री कियावत ने कहा सभी कलेक्टर अभियान चलाकर नालो और छोटी नालियों की सफाई करे, संवेदनशील गड्ढों को भरे ताकि कहीं भी जल भराव की स्थिति निर्मित ना हो। निचली बस्तियों पर ध्यान दें। सभी अपने क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर ले स्थानीय लोगों से उनके अनुभव पूछे और उसके आधार पर अपनी योजना बनाए। सभी अपने जिलो में आपातकालीन नियंत्रण कक्ष स्थापित करे और 24x7 अधिकारियों, कर्मचारियों की ड्यूटी लगाए। आपातकालीन स्थिति में कोई महत्वपूर्ण सूचना आखरी छोर तक पहुंच जाए इसका अभी से अभ्यास कर ले। एक्सीडेंट संवेदनशील जोन में बैरिकेडिंग ड्रम आदि का इंतजाम रखें साथ ही त्वरित रूप से आपातकालीन स्थिति की सूचना देने वाला तंत्र विकसित करे। शासन द्वारा जारी राजस्व प्रकरणों के अभियान में अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण करें। अविवादित नामांतरण बंटवारा का प्रमुखता से निराकरण करें। एक साल से अधिक अवधि के लंबित प्रकरणों का 6 माह के भीतर निराकरण करे। बरसात के दिनों में भी मशीन से सीमांकन किया जाना सुनिश्चित करें। राजस्व वसूली पर ध्यान दें। तीन या 3 से अधिक हल्के वाले पटवारियों का भार कम करें और एक हल्के वाले सक्रिय पटवारियों को दो-दो हल्के का प्रभार दें ताकि कार्य की गुणवत्ता बढ़े। राजस्व न्यायालय के निराकरण अभियान को सफल बनाने के लिए पटवारियों की साप्ताहिक बैठक आयोजित करें। उनके कार्यों की समीक्षा करें और राजस्व निरीक्षकों द्वारा उनका पर्यवेक्षण करवाए। डेयरी विकास के अंतर्गत भोपाल दुग्ध संघ की दुग्ध संकलन की क्षमता 4 लाख 50 हज़ार लीटर है। वर्तमान में सिर्फ 3 लाख 10 हज़ार लीटर दुग्ध संकलन हो रहा है। इसकी क्षमता का अधिकतम उपयोग करने के लिए पशुपालन विभाग की सहायता से प्रत्येक सोसाइटी में पशु स्वास्थ्य शिविर और पशु पाठशाला कार्यक्रम आयोजित करें। इसमें किसानों को पशुओं के आहार देखभाल और नस्ल सुधार के प्रति जागरूक करें। सभी सोसाइटी के सदस्यों के पशुओं को सुदामा पशु आहार उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें । अपने जिलों में स्थित शासकीय दफ्तर, छात्रावासों, चिकित्सालय आदि में सांची दुग्ध संघ के उत्पादों का उपयोग करें। सभी पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दिलवाए। अपने जिलों में महिला एवं बाल विकास विभाग की लाडली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का अधिकतम लाभ देने के लिए जिले के जनसंख्या आंकड़ों के अनुसार अपना लक्ष्य निर्धारित करें। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशा और एएनएम कार्यकर्ता को घर घर भेजकर कोविड 19, डेंगू मलेरिया से बचाव , नवजात शिशु की पात्रता के आधार पर योजना का लाभ, टीकाकरण और गर्भावस्था पंजीकरण के लिए जागरूक करने का अभियान चलाए। कोरोना संक्रमण काल में डेंगू और मलेरिया का प्रकोप घातक सिद्ध हो सकता है । इसकी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य , शिक्षा, महिला बाल विकास, नगर निकाय और मलेरिया विभाग द्वारा अभियान चलाकर सम्मिलित और आपसी सहयोग से कार्य करें और आम जनों में जागरूकता फैलाएं। अपने जिले के प्रत्येक ग्राम आरोग्य केंद्र से लेकर जिला अस्पताल तक मानक अनुसार दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। दवाइयों का फिजिकल वेरिफिकेशन करें। इसके साथ ही बारिश पूर्व ही सभी पेयजल स्रोतों में प्रदूषण खत्म करने के लिए दवाइयों का छिड़काव किया जाना सुनिश्चित करें। शहरी पथ व्यवसायियों को रोजगार से जोड़ने के लिए शासन द्वारा 10 हज़ार तक का ऋण प्रदान किया जाएगा। अतः अपने जिले में अधिक से अधिक लोगों का पंजीयन कराएं। शासन द्वारा स्वीकृत गौशालाओं का निर्माण जल्द से जल्द पूर्ण कराएं। जो गोवंश सड़कों पर आवारा घूम रहे हैं उस उन्हें पशु शाला में लाए। इससे ना केवल सड़क दुर्घटना में कमी आएगी बल्कि उनकी उचित देखभाल भी हो सकेगी। सभी कलेक्टर अपने जिलों में खरीफ बीज गुण नियंत्रण के अंतर्गत अधिक से अधिक बीज के नमूने जांच के लिए भेजे ताकि किसानों को गुणवत्ता पूर्ण बीज उपलब्ध हो सके। गेहूं उपार्जन में खरीद केंद्रों पर उपार्जित गेहूं को सुरक्षित भंडारण हेतु जल्द से जल्द परिवहन किया जाना सुनिश्चित करें। ओपन कैप में रखें गेहू के चारो ओर लंबी लंबी नालियां खुदवा दे जिससे बारिश का पानी नालियों में बह जाए और नीचे की थपकी वाला गेहूं खराब ना हो। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में भोपाल, रायसेन , विदिशा , राजगढ़ ,सीहोर जिले के कलेक्टर, उपायुक्त श्री अनिल कुमार द्विवेदी, उपायुक्त श्रीमती संजू कुमारी और संबंधित विभाग के संभागीय स्तर के अधिकारी गण उपस्थित थे ।


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