पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्वतारोही मेघा ने किया वृक्षारोपण

भोपाल । राजधानी में आज पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्वतारोही व् बेटी बचाओ अभियान की ब्रांड एम्बेसडर मेघा परमार व् उनके साथियों द्वारा वृक्षारोपण किया गया। इस मौके पर मेघा ने बताया कि वह प्रतिवर्ष 2 पौधों को लगाती हैं जिनकी देखभाल भी वह नियमित करती है। उनका कहना है किअगर सभी लोग प्रतिवर्ष दो पौधे ही लगाये और उनकी देखभाल करें तो वातावरण से प्रदुषण को दूर किया जा सकता है। 


मेघा परमार शोभित नाथ शर्मा और उनकी टीम ने पौधे लगाने में उपयोग की गई सामग्री की जानकारी दी। सबसे पहले पेड़  लगाने में कोको पाउडर का उपयोग किया जो मंदिरों में फेंके हुए नारियल के खोल से बना हुआ है .इसमें बरमिस आयल का ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर का उपयोग किया। कोको पाउडर पानी बचाता है जहां इसको उपयोग करने के बाद पेड़ों में केवल 30% पानी ही लगता है यह 70% पानी बचाता है। हमने इसमें गमला भी नारियल के खोल का ही उपयोग किया क्योंकि प्लास्टिक के गमले की जगह नारियल के खोल में लगे हुए पौधे बाद में नारियल के खोल को खाद के रूप में उपयोग कर ली जाती है और आप भी जब किसी को पोधै देवे तो नारीयल की खोल का ही उपयोग करें क्योंकि प्लास्टिक के गमले की जगह नारियल के खोल में लगे हुए भी और पौधे बाद में नारियल के खोल खाद के रूप में उपयोग कर ली जाती है और आप भी जब किसी को पौधा डोनेट करें तो नारियल के खोल में ही पौधा लगा कर दे इससे डबल फायदा होगा राष्ट्रीय का भी उपयोग नहीं होगा और बाद में उसी नारियल के खोल का खाद बन जाएगा 3. जैसे हर वर्ष यूनाइटेड नेशन द्वारा एक थीम दी जाती है जिस पर पूरी दुनिया काम करती है जैसे पिछले साल की थीम एयर पोलूशन की वैसे ही इस साल की थी थीम इंसानों को प्रकृति की तरह जोड़ना है celebrate biodiversity iska matlab insanon ko Wapas Prakriti se jodne ka ki pahal pani बचाइए गंदगी ना मचाए .पानी प्योर रखें । पेड़ पहाड़ों को सुरक्षित करें सफाई अभियान चलाया जाना चाहिए। सरकार द्वारा .जिससे स्कूल के बच्चों को हाइकिंग भी करवाई जाए वह सफाई व पहाड़ की महत्वता भी समझाई जाए जिसे बच्चे प्रकृति के और करीब पहुंच सकें। Lock down effect हमारे नेचर को फायदा मिला है वह नोटिसेबल है। हम लोग केवल हमारी गाड़ियां सिर्फ जरूरी कार्यों के लिए निकाली जो जो इन दिनों में हमने परिणाम पाल लिए वह कई वर्षों तक हम इससे प्रकृति को संजो कर रख सकते हैं यदि हम ऐसे ही छोटे-छोटे सुधार हमारे जीवन में लाएंगे हम प्रकृति को बहुत अच्छी से सजो कर रख सकेंगे। प्लास्टिक का उपयोग बिल्कुल कम से कम करें रीयूज एबल प्लास्टिक का ही यूज हो खासकर  मैं एक बहुत जरूरी संदेश हमारे देश के सभी उद्योगपतियों को देना चाहती हूं चाहता हूं जितनी कार्यकुशलता से वह अपने प्रोडक्ट को मार्केट में अच्छा बनाते हैं उसी जज्बे से फैक्ट्री से निकले हुए वेस्ट मटेरियल को ट्रीटमेंट कर के ही निस्तारण करें इससे उनके प्रॉफिट मार्जिन तो थोड़ा कम होगा उनका पर कई युगों तक हमारी धरती को हम सहेज कर रख सकेंगे कहीं ना कहीं इसका फायदा उनको और उनकी आने वाली कई पुश्तो को जरूर मिलेगा।


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