जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में धोखाधड़ी करने वाले मैनेजर सहित पांच गिरफ्तार

खरगौन। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित खरगोन शाखा बड़वानी मैं ₹758000 की धोखाधड़ी करने के मामले में विभिन्न धाराओं के तहत  मैनेजर एवं सहायक अकाउंटेंट पर प्रकरण  कर गिरफ्तार किया गया है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित खरगोन शाखा बड़वानी के मैनेजर मोहन पाटीदार ने पुलिस अधीक्षक बड़वानी डीआर तेनीवॉर को एक लिखित शिकायत मय जांच रिपोर्ट के प्रस्तुत की थी जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि शाखा में जून 2018 से अक्टूबर 2019 के बीच में में पदस्थ अधिकारी पंडित गवले शाखा प्रबंधक, सतीश शर्मा सहायक अकाउंटेंट, हेमराज जाट लिपिक, श्रीमती गंगा यादव, देवराम कुमरावत ने आपराधिक षड्यंत्र रच कर धोखाधड़ी कर करीब इस अवधि में ₹7,58,354 की राशि का गबन किया है, जो एसपी ने कोतवाली टीआई राजेश यादव को मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए थे जो टीआई राजेश यादव ने अपनी टीम के उप निरीक्षक शिवराम निर्वेल,आरक्षक,सुरेंद्र, जगजोत आदि के साथ मिलकर पूरे मामले की जांच की और जांच में उपरोक्त पांचों आरोपियों के खिलाफ अपराध करने के साक्ष्य पाए जाने पर उनके खिलाफ अपराध धारा 420 467 468 471 120 बी आईपीसी आईपीसी का पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया विवेचना के दौरान आरोपी पंडित गवले एवं सतीश शर्मा को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने जुर्म स्वीकार किया पुलिस ने दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जिन्हें आज न्यायालय पेश किया जाएगा उपरोक्त सभी आरोपियों ने अलग प्रकार से बैंक की राशि का गबन किया है जैसे जिला सहकारी बैंक खरगोन के द्वारा करीब 270000 रुपए बड़वानी क्षेत्र की 5 सहकारी संस्थाओं को आवंटित हुए थे जो आरोपी सतीश शर्मा एवं पंडित गवले ने उक्त राशि 5 सहकारी संस्था को आवंटित ना कर भवति की सहकारी समिति के बंद खाते में वह राशि डाल दी और बाद में उस राशि को नामदेव मिल्क एजेंसी बड़वानी के खाते में डाल कर एजेंसी मालिक को बताया गया कि गलती से आपके खाते में ₹270000 आ गए हैं आप हमें एक ₹270000 का चेक दे दीजिए ताकि वह राशि वह आपके खाते से निकाली जा सके और इस प्रकार से इन आरोपियों ने उक्त राशि भवति समित के अकाउंट से निकाल कर स्वयं के पास रख ली इसी प्रकार इन आरोपियों की मिलीभगत से बैंक के ग्राहक जिनकी करीब 141000 एवं 254000 की एफडी थी यह एफडी की राशि का भुगतान उन दोनों ग्राहकों को कर दिया गया था लेकिन जो बैंक का कंप्यूटर सिस्टम है उसमें उक्त राशि अभी भी ग्राहकों के नाम से पेंडिंग बताई जा रही थी जो आरोपी सतीश शर्मा पंडित गवले ने अपना दिमाग लगाकर बैंक की राशि को इन दोनों ग्राहकों के खाते में डाल दिए एवं पुनः इन ग्राहकों को से कहा कि आपको डबल एफडी का भुगतान हुआ है गलती वश ,अतः आप हमको चेक दे दीजिए और उस चेक के माध्यम से इन्होंने जो ग्राहकों के खाते में राशि जमा थी वह निकाल ली इस पूरे अपराध को करने में उपरोक्त पांचों आरोपी की मिलीभगत थी क्योंकि पूरी प्रक्रिया में इन सभी की कुछ जिम्मेदारी बैंक के नियम के तहत तय थी यदि यह बैंकिंग नियमों का पालन कर सावधानी रखते तो यह संभव नहीं होता और आरोपी सतीश शर्मा के द्वारा जो राशि निकाली गई वह मुख्य रूप से रविवार के दिन निकाली गई जिसके कारण जिला सहकारी बैंक खरगोन को शक हुआ और उन्होंने जो रविवार को ट्रांजैक्शन हुआ था उसके जांच के आदेश के लिए एक टीम गठित की गई थी और जो जब टीम ने पूरी जांच की थी तो उपरोक्त 5 लोगों को इसके लिए जिम्मेदार बताया था पुलिस प्रकरण में अनुसंधान कर रही है और शेष तीन आरोपियों की तलाश जारी है।


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