यात्री ट्रेने हुई आरंभ, शहरी यात्री वाहन बंद, कैसे पहुंचे स्टेशन

दो पहिया वाहन पर एक की अनुमति


भोपाल। केन्द्र व प्रदेश सरकार के द्वारा चौथे लॉक डाउन के आरंभ के साथ ही श्रमिकों व अन्य लोगों को घर वापसी के लिए ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। लेकिन स्टेशन पहूंचने के लिए साधन की व्यवस्था नहीं होने से जनता परेशान हो रही है। देश में कोरोना महामारी से बचाव को लेकर केन्द्र व राज्य सरकार के द्वारा लॉकडाउन घोषित किया हुआ है। जिसे नियमित जारी रखने के लिए चार बार समय सीमा बढ़ा दी गई है। इसी दौरान अपने गृह राज्यों को छोड़कर श्रमिक व छात्र दूसरे राज्यों में रह रहे थे जिन्हें लॉक डाउन के चलते भुखमरी का शिकार होना पड़ रहा है। जिससे जनता अपने कार्य स्थल व निवास स्थान से निकलकर सड़कों पर उतर गई और पैदल ही घर वापसी होने लगी। जिसमें कोरोना बचाव के लिए सरकार द्वारा जारी नियमों की धज्जियां उड़ाई जाने लगी और कोरोना संक्रमिकों की संख्या में बढ़ोत्तरी को देखते हुए विगत 10 दिनों से केन्द्र व राज्य सरकारों के द्वारा टे्रनों व बसों का संचालन आरंभ किया गया। जिससे काफी हद तक श्रमिकों को राहत मिल रही है। लेकिन सबसे बढ़ी समस्या शहरी हो या ग्रामीण क्षेत्र में निवासरत श्रमिकों या आम जनता के लिए खड़ी हो गई वह है साधन की। सरकार ने बस स्टेण्ड व रेलवे स्टेशन पर श्रमिकों व आम जनता को पहूंचाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। इस समस्या पर सरकार व जिला प्रशासन के द्वारा ध्यान ही नहीं दिया गया। यात्रियों के लिए स्टेशन व बस स्टेण्ड पर पहूंचने के लिए साधन की व्यवस्था नहंीं की है। यात्री ने ऑनलाईन टे्रन से यात्रा का टिकट तो बुक करा लिया है पर स्टेशन कैसे पहूंचे। प्रशासन के कोरोना बचाव को लेकर जारी गाईडलाइन में दो पहियो वाहन पर एक और चार पहिया वाहन पर दो लोगों बैठने की इजाजत है। इस स्थिति में जिसके पास दो पहिया वाहन है वह स्टेशन पहूंच ही नहीं सकता है। अगर वह निकले तो शहर में जगह जगह तैनात पुलिस द्वारा रोक कर उतार दिया जाता है। इस व्यवस्था ने यात्रियों के लिए सबसे बढ़ी परेशानी खड़ी कर दी है


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