श्रम कानून में प्ररवर्तन को लेकर सभी यूनियनों ने किया प्रदर्शन

भोपाल। आज देश में कर्मचारी संगठनों के द्वारा संयुक्त रूप से केंद्र व् राज्य सरकारों द्वारा श्रम कानूनों में परिवर्तन को लेकर अपने स्थान पर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया गया। इस परिवर्तन से मजदूरों के शोषण के मामले अधिक बढ़ेंगे। वहीँ मजदूरों को उनके अधिकार से वंचित करने की साजिश के तहत श्रम कानूनों में परिवर्तन किया गया है। केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त आव्हान पर आज भारत सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों एवं मप्र, उप्र, गुजरात सहित अन्य राज्यों की सरकारों द्वारा श्रमकानूनों में किये गये अनावश्यक परिवर्तनों, कार्य के घंटे 8 के बजाय 12 करने के  विरोध देश के साथ म.प्र.में भी इंटक, एटक, सीटू एचएमएस सेवा सहित सभी फेडरेशनों, श्रमसंघों के योद्धाओं द्वारा काली पट्टी  बांधकर जो जहां था वहीं पर विरोध प्रदर्शन धरना भूँख हड़ताल की ।आप सभी का नतमस्तक होकर अभिनन्दन, सेल्यूट। आपने अपनी एकता संगठन शक्ति से सरकारों को आगाह किया है कि समय रहते मजदूर विरोधी आदेश वापस ले।  अन्यथा अब लाँक डाउन समाप्त और सामान्य स्थिति होने पर याचना नहीं सड़को पर रण होगा।शासन की गोली और श्रमिक प्रतिनिधियों कार्यकर्ताओं के सीने आमने सामने होंगे। और मप्र की सरकार कुछ ज्यादा ही जुर्म कर रही है। सपनि कर्मचारियों को 14 माह से वेतन नहीं?कम्पनियों फेक्टरियों में छटनी प्रारंभ, प्रदेश के लाखों प्राइवेट परिवहन कर्मचारियों, मध्यमवर्ग के लिये कोई राहत सहायता नहीं। यात्री बसें चलीं नहीं फिर भी टेक्स की मांग जिससे मालिक कम मजदूर नाम के संचालक आत्म हत्या पर विवस हो जाये।सरकार जागे और मांगे पूरी करे।


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