वन विभाग के कर्मी कोरोना की विशेष ड्यूटी से नदारद

थाना क्षेत्रों में लगाई ड्यूटी, 51 में से 31 ने दी आमद

भोपाल। राजधानी कोरोना वायरस के  संक्रमण को फेलने से रोकने के लिए प्रशासन ने विशेष ड्यूटी अलग अलग थाना क्षेत्रों में लगाई गई थी। जिनमें से अधिक लगभग 20 कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति संबंधित थानों में नहीं दी है, जिससे सुरक्षा की दृष्टि से बल की कमी हो रही है। राजधानी में मार्च माह अंतिम दिनों में कोरेाना वायरस से संक्रमितों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलग अलग विभागों के कर्मियों को सुरक्षा की दृष्टि ड्यूटी से लगाई गई है। जिसमें से अधिकतर विभागों के कमियो ने आदेशानुसार संबंधित कार्यालय में उपस्थित दे दी है, और अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन वहीं कुछ विभाग के कर्मी आज भी अपनी सेवाएं देने के लिए उपस्थित नहीं हुए हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार वन विभाग के 51 सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल की कमी को दूर करने राजधानी के कुछ थानों में सेवाएं देने के आदेश 29 मार्च को किए गए थे। जिनमें से लगभग 31 कर्मचारियों ने अपनी संबंधित तलैया, शाहजहानांबाद,एमपी नगर, कोतवाली थानों व कोरोना से संबंधित बनाए गए नियंत्रण कक्ष में उपस्थिति दर्ज कराई गई थी, शेष कर्मचारी अपनी सेवाएं देने के लिए आज तक नहीं पहूंचे हैं। जहां राजधानी प्रशासन मैदानी बल की कमी से जूझ रहा है। वहीं वन विभाग के 20 कर्मी क्यों नहीं पहूंचे । प्रशासन के आदेश का माखौल उड़ाया जा रहा है। क्या प्रशासन पर यह वन कर्मी इतने भारी पड़ रहे हैं जो यह अपनी सेवाएं देना उचित नहीं समझ रहे हैं, या फिर इन्हें कोरोना से संक्रमित होने का डर सता रहा है। एैसा लगता है कि इनके ऊपर विभाग के अधिकारी की मैहरबानी है। अगर एैसा है तो अन्य विभाग व वन विभाग के 31 सुरक्षा कर्मी को अपने व अपने परिवार डर नहीं है। फिर इन्हें सेवाएं देने के लिए क्यों बाध्य किया गया। एक तरफ शहर में संक्रमितों की संख्या में प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है। वहीं प्रशासन वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा अपने कर्मचारियों की जानकारी क्यों नहीं ली जा रही है कि सभी कर्मियों ने संबंधित स्थान पर अपनी आमद दी या नहीं।

इनका कहना है 

इन सभी कर्मियों की ड्यूटी कलेक्टर और डीएफओ ने मिलकर लगाई होगी। अब कौन कहां है मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। मेरे ऊपर 6 जिलों की जवाबदारी है सभी जगह देखना है। डीएफओ ही इन पर कार्यवाही कर सकता है। 

सत्यप्रकाश तिवारी सीसीएफ

वन विभाग भोपाल

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