राजधानी में नहीं हो रहा रोशन सप्लाई, प्रशासन के आदेश का नहीं दिखा असर

भोपाल। लॉक डाउन के साथ ही प्रशासन के आदेश खाद्य सामगी्र की आपूर्ति ऑन लाईन के माध्यम से किए जाने के आदेश किए गए थे।  लेकिन ऑन लाईन सप्लाई करने वाली प्रमुख प्रतिष्ष्ठानों पर प्रशासन के आदेश का कोई असर दिखाई नहीं दिय। शहर की जनता राशन के लिए ऑन लाईन के नंबरों पर अपनी जरूरत की सामग्री के लिए कॉल करते रहे हैं। कहीं तो फोन अटेंड ही नहीं हुआ और जिन्होंने फोन अटेंड किया वहां से सिर्फ आश्वासन ही मिला लेकिन सामान लेकर कोई नहीं पहूंचा। जनता अपने घर सामान आने का इंतजार करती रही । आज तो यह पहला दिन था अगर इसी तरह से खाद्य सामग्री की आपूर्ति का जिम्मा निजी प्रतिष्ठानों के भरोसे रहेगा तो शहर की जनता को भूखों मरना पड़ेगा या फिर लॉक डाउन को तोडने को लोग मजबूर होंगे। 

निजी कंपनी की आय कम खर्च ज्यादा

बतायाजाता है कि निजी कंपनी आन लाईन डिलवरी में प्रशासन के आदेश के तहत रूचि नहीं ले रही है उसका मुख्य कारण की शासन की दर पर सामान को घर घर भेजना है। जिस परउनकाडिलवरी का खर्च अधिक आ रहा है। जिसके चलते उनका लाभ कम हो रहा है। दूसरी और उनके कुछ प्रतिष्ठानों के पासपहले से होमडिलवरी की सेवाएं नहीं थी और थी भी तो कम डिलवरीमेन से काम चल जाता था। लेकिन लॉकडाउन के दौरान  ऑनलाइन ग्राहक अधिक बढ़ गए हैं। और डिलवरी मेन उतने ही हैं जिससे भी सप्लाई में समस्या रही है। इसके लिए अतिरिक्त खाद्य आपूर्ति के लिए अतिरिक्त कर्मचारी रखना जरूरी थे। जो नहीं  रखा गया। प्रतिष्ठानों के लाभ हानि को देखते हुए सप्लाई प्रभावित हो रही है। 

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