आपदा मोचन बल के संविदा कर्मी को किया सेवाप्रथक

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के आदेश हैं कि किसी भी कर्मचारी को नही हटाया जाये 

भोपाल। मप्र आपदा मोचन बल के अंतिम संविदा कर्मचारी को मौखिक सेवा समाप्ति के आदेश विभाग प्रमुख के द्वारा दिए गए है। वहीं राज्य शिक्षा केन्द्र के अधीन जिला शिक्षा केन्द्र शिवपुरी में बालिका छात्रावास में संविदा पर कार्यरत सहायक वार्डन वेतन काटते हुए हटाया गया है। मप्र संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि राज्य आपदा मोचन बल के महानिदेशक होमगार्ड अशोक दोहरे के द्वारा करोना जैसी विश्व आपदा में विगत तीन वर्षों से संविदा पर कार्यरत संविदा पर कार्यरत वाहन चालक श्याम बिहारी शर्मा की सेवायें मौखिक रुप से समाप्त कर दी। संविदा समाप्ति का कारण संविदा तीन वर्ष की हुई थी 31 मार्च को तीन वर्ष पूरे हो चुके हैं। एसडीईआरएफ के गजट नोटिफिकेशन में लिखा है कि तीन साल की संविदा अवधि के बाद दो साल के लिए संविदा बढ़ाई जायेगी। लेकिन एसडीईआरएफ के डीजी इसको मानने को तैयार नहीं हैं उनका कहना है कि गजट नोटिफिकेशन में गलती से छपा है, गजट नोटिफिकेशन के अनुसार आपके पद की भर्ती प्रतिनियुक्ति पर होनी थी लेकिन अधिकारियों की गलती के कारण संविदा पर भर्ती कर ली गई थी। करोना वायरस जैसी आपदा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसी कर्मचारी को हटाया नहीं जायेगा और वेतन प्रदान किया जायेगा। 5 जून 2018 की संविदा नीति में संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने का उल्लेख किया गया है। इसलिए संविदा जो मौखिक निर्देश से समाप्त की जा रहीं है  उसे निरस्त करते हुए  संविदा अवधि बढा़ई जाये। सितम्बर 2019 में भी इसी तरह डी जी अशोक दोहरे ने 28 संविदा कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी थीं।

कैसे हो आपदा का प्रबंध

आपदा का प्रबंध करने वाले 3 विभागों से पहले ही संविदा अधिकारियों को निकाला जा चुका है  मध्यप्रदेश में आपदा का प्रबन्ध करने वाले तीन विभाग थे। आपदा प्रबंध संस्थान जिसे कहा जाता है। राज्य आपदा मोचन बल जिसे  कहा जाता है, राज्य आपदा प्राधिकरण मार्च 2018 में आपदा प्रबन्ध संस्थान के 12 संविदा कर्मचारियों और राज्य आपदा प्राधिकरण के 18 संविदा कर्मचारियों और अधिकारियों को निकाल दिया। सितम्बर 2019 में राज्य आपदा मोचन बल के 28 संविदा कर्मचारियों को निकाल दिया ।

निकालने का कारण अधिकारियों की मनमर्जी

उसके बाद से मध्यप्रदेश के आपदा प्रबन्धन विभाग खाली हैं क्योंकि कोई भर्ती नहीं की गई। ना योजना बनाने वाला कोई है ना उस पर अमल करने वाला कोई है। जबकि इस समय पूरा प्रदेश ही नहीं पूरा देश बड़ी़ आपदा में फँसा हुआ है। 

0/Post a Comment/Comments

Previous Post Next Post