वर्तमान में प्रदेश में रसोई गैस की कमी नहीं

कोविड-19  की चुनौती के बावजूद इंडियन ऑयल ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है

भोपाल। देश में कोविड-19 के प्रकोप के मद्देनजर पेट्रोलियम उत्पादों जैसे पेट्रोल, डीजल, ईंधन तेल, कोलतार आदि की मांग में भारी कमी आई है। उड़ानों के निलंबन के कारण एटीएफ की मांग में भी तेजी से कमी आई है। 

इसे ध्यान में रखते हुए, इंडियन ऑयल ने कच्चे तेल की उत्पादन क्षमता को अपनी अधिकांश रिफाइनरियों में 25 से 30 प्रतिशत तक नियंत्रित किया है। पिछले एक सप्ताह में उनसे तैयार उत्पादों से कंपनी के थोक भंडारण स्थानों में स्टॉक निर्माण करने में मदद मिली है। पर्याप्त स्टॉक होने की वजह से भविष्य में देश में लॉकडाउन समाप्त होने पर बढऩे वाली मांग को आसानी से पूरा किया जा सकेगा। कंपनी वैश्विक स्तर पर नजर बनाए हुए है और बदलते बाजार परिदृश्य के अनुसार कार्रवाई कर रही है।

एलपीजी की मांग में वृद्धि 

प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों की मांग में कमी के बीच, प्रदेश में एलपीजी रसोई गैस की मांग में वृद्धि हुई है। इंडियन ऑयल बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए तैयार है और अपने परिचालन को अनुकूलित करके अपनी प्रमुख रिफाइनरियों में एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए कदम उठा रही है। साथ ही एलपीजी उत्पादन इकाइयों में एलपीजी के उत्पादन में सुधार कर रही है। प्लांट संचालन और एलपीजी रिफिल डिलीवरी को तदनुसार सुव्यवस्थित किया जा रहा है।  वर्तमान में प्रदेश में रसोई गैस की कमी नहीं है। राज्य में तेल उद्योग के सभी संयंत्र 880 हजार मीट्रिक टन प्रति वर्ष की क्षमता के साथ पूरी तरह से संचालन में हैं और इनपुट उत्पाद की आपूर्ति पूरी तरह से तैयार है। यह जानकारी तेल उद्योग के मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ राज्य समन्वयक एवं इंडियन ऑयल के कार्यकारी निदेशक व राज्य प्रमुख वी सतीश कुमार ने दी।  

आपूर्ति को सुचारू बनाये रखने के प्रयास जारी

इस मुश्किल के समय में, इंडियन ऑयल सभी अनुमत माध्यमों में आपातकालीन ईंधन को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। निगम के बल्क स्टोरेज इंस्टॉलेशन, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट, फ्यूल स्टेशन और एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप को सलाह दी गई है कि वे अपने भौगोलिक क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए संबंधित राज्य सरकारों/स्थानीय प्रशासन की सलाह के तहत काम करें। ईंधन स्टेशनों पर व्यक्तिगत स्वच्छता और सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंडों को सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध कर्मचारियों के साथ काम किया जा रहा है। 

मानव संसाधन को राउंड-द-क्लॉक ऑपरेशन, फायर एंड सेफ्टी, मेडिकल और अन्य आवश्यक सेवाओं में भी तर्कसंगत बनाया गया है। कॉन्ट्रैक्ट लेबर की तैनाती केवल न्यूनतम आवश्यक और महत्वपूर्ण सेवाओं में की जा रही है, जिसमें पर्याप्त कोविड -19 रोकथाम और एहतियात जैसे कि हैंड सैनिटाइजर और मास्क जैसे उपाय अपनाये जा रहे हैं। पेट्रोल उत्पादों को पेट्रोल पंपों तक पहुंचाने वाले टैंक-ट्रक ड्राइवरों के संबंध में भी पर्याप्त सतर्कता बरती जा रही है। आंतरिक और बाहरी हितधारकों के साथ बैठकों के लिए वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है। कंपनी आंतरिक संचार प्लेटफार्मों के माध्यम से नियमित रूप से पूरी कंपनी में अपने सभी कर्मचारियों के बीच कोविड -19 की रोकथाम पर स्वास्थ्य सलाह साझा कर रही है। टच-पॉइंट्स पर जाने वाले ग्राहकों के बीच विभिन्न एहतियाती उपायों और सामाजिक दूरी करने के मानदंडों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए चैनल पार्टनर्स को भी शामिल किया गया है।

देशव्यापी लॉकडाउन के मद्देनजर, कंपनी पीओएल टैंक-ट्रकों के परिवहन और बदलाव के समय से संबंधित कई मुद्दों कार्य कर रही है; एलपीजी वितरक और ईंधन स्टेशनों पर कार्य-बल की प्रतिबंधित गतिशीलता और उपस्थिति; और कुछ ही स्थानों पर ईंधन स्टेशनों के कारोबारी घंटे प्रतिबंधित हैं।

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