राजपाल और बीजेपी में ठनी, शिवराज पहुंचे सर्वोच्च न्यायालय

भोपाल। आज से  विधानसभा का बजट सत्र शुरू होने के साथ ही 1 घंटे में कॉम हो गया ओर इसे 26 मार्च तक स्थगित कर दिया गया जबकि आज फ्लोर टेस्ट होना था । क्योंकि 22 विधायकों को लेकर सरकार अल्पमत में आ गई है। जब विधान सभा में फ्लोर टेस्ट नहीं कराया जबकि राजपाल चाहते तो सरकार को फ्लोर टेस्ट के लिए बाध्य कर सकते थे पर उन्होंने इस नहीं किया ओर कमलनाथ को सरकार बनाने  के लिए एक मौका ओर दे दिया। 26 मार्च तक कमलनाथ सरकार को बचाने के लिए बागी विधायकों को मनाने में सफल हो जाएं जो भाजपा बिल्कुल नहीं चाहती थी।  वह जल्द ही अपनी सरकार बनाने के लिए तैयार थे लेकिन राज्यपाल ने उनके मंसूबों पर आणि फेर दिया।  इस वजह  से भाजपा के विधायक व  पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सुप्रीम कोर्ट चले गए है।


कहीं शीर्ष नेतृत्व का इशारा तो नहीं 


विधानसभा में आज भाजपा के मंसूबों पर पानी फिर गया। हो सकता है कि भाजपा का शीर्ष नेतृत्व नहीं चाहता हो कि अभी प्रदेश में भाजपा  की सरकार बने या हो सकता है कि जो अभी मुख्यमंत्री के  पद की दौड़ में हो उसे शीर्ष नेतृत्व पसंद नहीं करता हो  ऐसे अन्य कारण है जो फ्लोर टेस्ट को समय दया गया है। लेकिन कहीं न कहीं इस पूरे मामले में राज्यपाल की रजामंदी रही है।अब किसके इसारे पर हुई या कहना मुश्किल है।


0/Post a Comment/Comments

Previous Post Next Post