महिला दिवस पर उमंग करेगी बुआओं का सम्मान

दिव्यांगों की सेवा में समर्पित रहने वाली बुआ का प्यार नहीं भुला सकते मासूम

भोपाल। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस व उमंग स्पेशल स्कूल की 15वीं वर्षगांठ पर 11 संस्थाओं के 152 दिव्यांग बच्चे अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां 8 मार्च को करने जा रहे हैं दिव्यांग डेफ बच्चे डांस ब्लाइंड बच्चे गाने व मानसिक व शारीरिक बच्चे रैंप वाक कर अपने हुनर से अपनी बुआ माओं को सम्मानित करेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उमंग संस्था बुआमां सम्मान आयोजित कर रही है,दिव्यांग बच्चों की संस्था में कार्यरत यह वे महिलाएं हैं जो सेवा भाव की अनोखी मिसाल दे रही हैं। संस्था में रह रहे व स्कूल में पढ़ रहे दिव्यांगों को यह खाना खिलाती हैं, कपड़े चेंज करती हैं, साफ-सफाई करती हैं, नित्यकर्म निसंकोच,सेवा भाव, बिना भेदभाव के करती हैं ! सम्मान समारोह के अंतर्गत ये दिव्यांग बच्चे अपनी संस्थाओं की बुआमां के लिए अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाली संस्थाएं आशा निकेतन, दिग्दर्शिका, आधार, ब्लाइंड रिलीफ एसोसिएशन नेशनल स्कूल ब्लाइंड  स्कूल, छात्रावास, ज्योति स्पेशल स्पेशल, एस,ओ,एस व उमंग  स्कूल जिन को सम्मानित किया जा रहा है, वह है,श्रीमती जाकिर बानो, अहिल्या वर्मा, सुशीला शर्मा, मोना सेन, प्रमिला विश्वकर्मा, सुनीता,मंजू नामदेव,ज्योति, लोनी मिज। बुआमा ओ व बच्चों को सम्मानित करेंगे पी सी शर्मा जनसंपर्क मंत्री, गोविंद गोयल रीजनल जनरल मैनेजर एलआईसी, कुलदीप विश्वकर्मा शिवम,बीना श्रीवास्तव एलिट ब्यूटी पार्लर, नवीन। उंमग स्पेशल स्कूल की संस्थापक श्रीमती दीप्ति पटवा ने बताया कि विशेष अवसर पर दिव्यांगों के लिए कार्य कर रही संस्थाओं,सेवाभावना से कार्य कर रही  केयरटेकर बुआ मां को उनके द्वारा लालन पोषण किए गए बच्चों द्वारा अपने अनुसार यह अपनी बुआ मां को सम्मानित करने का गौरव विशेष ही रहेगा क्योंकि आज जो यह हुनर,जज्बा, हौसला पेश करेंगे ,उसमें सबसे महत्वपूर्ण भूमिका इन्हीं बुआ मां की है,कार्यक्रम से हम यह दिखाना चाहते हैं कि जोश,जज्बा,हुनर हो तो जिंदगी की हर जंग जीती जा सकती है ! कला मोहताज नहीं होती बस उसमें उमंग रंग भरने की जरूरत है।

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