लोकतंत्र में विधायकों पर पैसे लेने-देने का आरोप लगाना उनका सबसे बड़ा अपमान है : भार्गव

भोपाल। लोकतंत्र में विधायकों पर पैसे लेने-देने का आरोप लगाना उनका सबसे बड़ा अपमान है। मध्यप्रदेश में कभी भी विधायकों की खरीद-फरोख्त की परंपरा न रही है और न आगे रहेगी। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भाजपा पर कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगा रहे हैं। वे आरोप नहीं लगाएं इसका सबूत पेश करे। दिग्विजय सिंह सभी विधायकों को सामने लेकर आएं ओर बताए कि वें कौन से विधायक हैं जिनसे संपर्क होने की वो बात कह रहे है। मैं उनके इस आरोप की निंदा करता हूं। ये बातें नेता प्रतिपक्ष श्री गोपाल भार्गव ने कही।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस में इतने सारे गुट हैं कि उनके अंदर ही जमकर असंतोष है। कांग्रेस में कबीलाई संस्कृति हावी है। कांग्रेस को भय है कि पता नहीं उनके कौन से गुट से विधायक टूटकर भाजपा में चला जाए। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जिस प्रकार के आरोप लगा रहे हैं उनका कोई आधार भी वे पेश करें। भाजपा का हर एक विधायक मजबूत है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है, लेकिन हम मजबूती के साथ खड़े हुए हैं और सरकार को आईना दिखाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह राज्यसभा के लिए अपने आला नेताओं पर दबाव बनाना चाहते है और इसीलिए वह सनसनी फैलाने वाले बयान दे रहे है।

नेता प्रतिपक्ष श्री भार्गव ने कहा कि एक तरफ प्रदेश के किसान बे-मौसम बारिश के कारण फसलें खराब होने से परेशान हैं और दूसरी तरफ प्रदेश के वचनवीर मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ और उनकी कैबिनेट आयोजनों में लगी हुई है। आईफा जैसे आयोजनों के लिए तो मुख्यमंत्री लगातार मीटिंग ले रहे हैं, लेकिन प्रदेश का अन्नदाता प्राकृतिक आपदा से परेशान हैं और उनके लिए अब तक सरकार की तरफ से कोई भी राहत पैकेज का वचन नहीं दिया गया है। खुद को किसान हितेषी बताने वाली कमल नाथ सरकार अब किसानों के लिए कोई राहत का वचन क्यों नहीं दे रही है? भारत सरकार से अतिवृष्टि का 1 हजार करोड़ रुपये राज्य को मिला था उसे भी प्रदेश सरकार ने अभी तक किसानों को नही दिया।

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