कोरोना वायरस महामारी घोषित

राज्य मंत्रि-परिषद की बैठक में हुई विस्तृत चर्चा

 

  भोपाल। मुख्यमंत्री कमल नाथ की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश में नोवल कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिये विभिन्न उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। बताया गया कि प्रदेश में नोवल कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिये महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं।

बैठक में बताया गया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन राज्य सरकारों से लगातार इस वायरस के प्रसार को रोकने के लिये सक्रिय कदम उठाने का आग्रह कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे महामारी घोषित कर दिया है। भारत सरकार द्वारा गठित उच्च-स्तरीय ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स द्वारा भी स्थिति की सूक्ष्मता से समीक्षा की जा रही है। इस वायरस से अत्याधिक प्रभावित देशों से आने वाले सभी भारतीय व्यक्तियों के लिये क्वारेंटाईन सेन्टर्स तैयार किये गये हैं। सभी विदेशी यात्रियों के वीजा रदद् करने के कठोर उपाय किये गये हैं।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने संसद में सामूहिक समारोहों और अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है। सामूहिक स्तर पर समारोहों की अनुमति देने के लिये भी दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। कोरोना से बचाव के बारे में राज्यों को प्रचार माध्यमों द्वारा लोगों को जागरूक करने की सलाह दी गई है।

बैठक में बताया गया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा नोवल कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिये केवल अर्जेंट मेटर्स की सुनवाई करने का निर्णय लिया गया है। भारत सरकार द्वारा इस दिशा में देशवासियों को जागरूक करने के लिये मोबाईल-फोन तथा टेलीफोन की कॉलर ट्यून में कोरोना से बचाव के संबंध में जानकारी दी जा रही है।

मंत्रि-परिषद की बैठक में बताया गया कि महाराष्ट्र में राज्य सरकार ने नोवल कोरोना वायरस के प्रसार की स्थिति को रोकने के लिये विधानसभा सत्र स्थगित करने का निर्णयलिया है। अन्य सभी राज्य भी इस वायरस का प्रसार रोकने के लिये आवश्यक उपाय कर रहे हैं। ओडीसा के मुख्यमंत्री द्वारा इसके लिये 200 करोड़ के पैकेज की घोषणा की गई है। जानकारी दी गई कि दिल्ली सरकार द्वारा विगत 12 मार्च से सभी स्कूलों, कॉलेजों, सिनेमाघरों को बन्द करने का आदेश दिया गया है। 

मध्यप्रदेश में कोरोना से बचाव के लिये उठाये गये कदम

बैठक में जानकारी दी गयी कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भी नोवल कोरोना वायरस का प्रसार रोकने के लिये सभी संभव प्रयास किये जा रहे हैं। सभी स्कूल, कॉलेज, सिनेमा हॉल, मेरिज हॉल, सार्वजनिक पुस्तकालय, वॉटर पार्क, जिम, स्वीमिंग-पूल, आँगनवाड़ी आदि को आगामी आदेश तक बंद करने का निर्णय लिया गया है। कार्यालयों में कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था को बंद किया गया है। सांस्कृतिक समारोह, सार्वजनिक समारोह, आधिकारिक यात्राओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को स्थगित किया गया है। विकासखण्ड स्तर तक शांति समितियों की बैठक आयोजित कर स्थानीय जन-प्रतिनिधियों और धर्म गुरूओं के माध्यम से नोवल कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिये लोगों को जागरूक करने को कहा जा रहा है। धार्मिक प्रमुखों से कम से कम धार्मिक समारोह करने का आग्रह किया जाये। इसके साथ ही, 20 से अधिक लोगों की सभाओं को रोकने के लिये कानूनी उपाय किए जाएँ। विशेष तैयारियों और आपदा की स्थिति से निपटने के लिये अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किये जाएँ। मंत्रि-परिषद की बैठक में नोवल कोरोना वायरस का प्रसार प्रदेश, देश और विश्व स्तर पर रोकने के लिये किये गये उपायों को ध्यान में रखकर विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधानसभा सदस्यों और अन्य लोगों की राजधानी भोपाल में बहुत अधिक यात्रा की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया।

कोरोना वायरस का प्रदेश में अभी तक कोई पॉजिटिव प्रकरण नहीं

मध्यप्रदेश में नोवल कोरोना वायरस का अभी तक कोई पॉजिटिव प्रकरण नहीं है। राज्य सर्विलेंस इकाई नए दिशा-निर्देश एवं परामर्शों के लिए सेंट्रल के संपर्क में है। नोवल कोरोना वायरस बीमारी की जानकारी और मार्गदर्शन के लिये दो कॉल सेन्टर 104 को राज्य स्तर पर क्रियाशील किया गया है, जिसमें अब तक 1085 कॉल प्राप्त हो चुके हैं। प्रभावित देशों से आने वाले नए संभावित प्रकरणों को दर्ज कर सर्विलेंस एवं आईसोलेशन में रखा गया है। समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को नोवल कोरोना वायरस बीमारी के संबंध में भारत सरकार की ट्रेवल एडवाईजरी, पब्लिक हेल्थ एक्ट की अधिसूचना तथा सामुहिक समारोहों के आयोजन के दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। प्रचार-प्रसार के माध्यम से जन-सामान्य को सलाह दी गई है कि श्वसन शिष्टाचार का उपयोग करें, बार-बार अपने हाथ धोएं, खाँसी/छींकते समय अपनी नाक और मुंह को टिशू पेपर/रूमाल या कोहनी से ढंके। हाथ मिलाकर अभिवादन न करें बल्कि नमस्ते/आदाब करें। अल्कोहल बेस्ड हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें तथा लक्षण होने पर 28 दिनों तक होम आईसोलेशन में रहें।

417 लोग आइसोलेशन में रखे गए

इस बीमारी से निपटने के लिए राज्य सरकार ने निगरानी तथा नियंत्रण उपायों को सुदृढ़ किया है। आज दिनांक 15 मार्च, 2020 तक नोवल कोरोना वायरस से प्रभावित देशों से आने वाले 841 यात्रियों की पहचान की जा चुकी है। इनमें से 417 यात्री अपने घरों में आइसोलेशन में रखे गए हैं तथा 358 यात्रियों का सर्विलेंस पूरा हो चुका है। संभावित 31 प्रकरणों के सेंपल जाँच के लिये हृढ्ढङ्क पुणे, इंदिरा गांधी शासकीय मेडिकल कॉलेज नागपुर एवं एम्स भोपाल भेजे गए थे, उनमें से 26 की रिपोर्ट निगेटिव आई है तथा 5 की रिपोर्ट आना बाकी है। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर एयरपोर्ट पर प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

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