हिंदी विश्वविद्यालय में होगा पुस्तक प्रकाशन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम

भोपाल। अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्?वविद्यालय, भोपाल और राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार के संयुक्त तत्वावधान में 15 अप्रैल से 28 अप्रैल तक पुस्तक प्रकाशन पर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है, जिसमें पांडुलिपि लेखन से लेकर पुस्तक-प्रकाशन होने तक के सभी पहलुओं यथा-पुस्तक की संरचना, संपादन, मुद्रण, प्रकाशन, विपणन आदि विषयों पर चर्चा की जायेगी। 

उपर्युक्त 15 दिवसीय प्रशिक्षण पाठ्यक्रम का उद्घाटन सम्माननीय महानुभाव के करकमलों द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो रामदेव भारद्वाज, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के निदेशक ले.कर्नल युवराज मलिक, विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो विजय कुमार सिंह एवं नरेन्दर कुमार की विशेष उपस्थिति में संचालित किया जा रहा है। भारत में पत्रिकाओं व पुस्तकों के प्रकाशन का संक्षिप्त इतिहास, संपादन, पुस्तक निर्माण एवं विपणन, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन का परिदृष्य और प्रकाशन विभाग की संरचना, संपादन प्रक्रिया, लेखक संपादक के बीच संबंध पुस्तक और पत्रिका में अंतर पाण्डुलिपि का निर्माण, विद्यालय के पुस्तकों की संरचना, संपादक मंडल के निर्णयों व प्रस्तावों का निर्माण, प्रतिलिपि संपादन, प्रूफ-संशोधन, प्रकाशन की शैली, पुस्तक के मुखपृष्ठ आवरण की संरचना, अंतर्राष्ट्रीय मानक पुस्तक संख्यांक  एवं उसकी उपयोगिता, विकासशील देशों में साहित्यिक चोरी की समस्या तथा उसके उपाय बौद्धिक संपदा, प्रतिलिप्याधिकार, प्रकाशकों से अनुबंध एवं मौलिक सहायक अधिकार क्या है? पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।  

प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में विभिन्न मुद्रण-प्रक्रियाओं, मुद्रण पद्धतियां, पुस्तकों के विभिन्न आकार, कम-से-कम लागत में मूल्य का विवरण, पुस्तकों की बॉंधणी, पुस्तक प्रकाशन कार्य, साज-सज्जा, पुस्तक-निर्माण की पूर्ण प्रक्रिया, ट्रेडमार्क, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, ग्राहक सेवा, पुस्तकों के विविध श्रेणियों का विपणन, तकनीकी-वैज्ञानिक विषयों की पुस्तकें, उच्चतर शैक्षणिक पुस्तकें, विक्रय का निर्यात, भारतीय प्रकाशन के परिदृष्य में उसकी व्याप्ति और संभावनाएं, ऑनलाइन व ऑफलाइन विक्रय, पुस्तक मेला, पुस्तक क्लब, विपणन की जाने वालीं पुस्तकों की प्रक्रिया, शृंखलित-प्रबंधन की आपूर्ति, वैश्विक प्रकाशन संसार में भारत की भूमिका-निर्यात, अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेला, ई-प्रकाशन आदि संबंधी व्यावहारिक रूप से संपूर्ण जानकारी दी जायेगी तथा मुद्रण-प्रकाशन विभाग को भेंट दी जायेगी प्रतिभागी ताकि इस क्षेत्र का व्यावहारिक ज्ञान हासिल किया जा सके। 28 अप्रैल को पुस्तक प्रकाशन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के अंतिम दिन प्रश्नात्तर सत्र का आयोजन किया जायेगा जिसमें उपस्थित विशेषज्ञों-विद्वानों द्वारा प्रश्नों के उत्तर देकर विद्यार्थियों व आगतुंकों का समाधान किया जायेगा। हम आपको जानकारी के लिए बता दें कि राष्ट्रीय पुस्तक न्यास एक ऐसा प्रकाशन समूह है, जिसे वर्ष 1957 में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा भारत में स्थापित किया गया था। इस संगठन का उद्देश्य हिंदी, अन्य भारतीय भाषा एवं अंग्रेजी में श्रेष्ठ साहित्य का निर्माण करना तथा वैज्ञानिक, तकनीकी, वाणिज्य, प्रबंधन, कला आदि विषयों के साहित्य को पठन-पाठन हेतु प्रोत्साहित करना, देश-विदेशों के सभी विषयों के लेखकों-प्रकाशकों को सहायता देना, विदेशों में भारतीय पुस्तकों को प्रोत्साहित करना, बाल साहित्य को बढ़ावा देना है। 

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