ईडीआईआई के हेंडमेड इन इंडिया प्रोजेक्ट हुआ भव्य कार्यक्रम

गृहणियों ने महेश्वरी साड़ी पहन किया रैंप वाक की बुनकरों से चर्चा

भोपाल। भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान ईडीआईआई, अहमदाबाद द्वारा एचएसबीसी के सहयोग से संचालित हेंडमेड इन इंडिया परियोजना अंतर्गत देष के विभिन्न हेण्डलूम क्लस्टरों के विकास हेतु जन सामान्य में हेण्डलूम परिधानों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु एक अनूठी पहल करते हुए इस महिला दिवस की पूर्व संध्या पर महेष्वरी हेण्डलूम परिधानों की वैभवगाथा कार्यक्रम का आयोजन भोपाल के आषिमा माल में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जहां शहर की गृहणियों ने महेश्वरी साड़ी पहन कर रैंप वाक के माध्यम से हेण्डलूम परिधानों के वैभव का भव्य प्रदर्शन किया वहीं युवाओं ने हेण्डलूम फैब्रिक के शर्ट, कुर्तों, स्टोल व दुपट्टों का कलात्मक प्रदर्शन कर प्रदेष की इस एतिहासिक हस्तकला का अद्भुत प्रदर्शन किया। ईडीआईआई, अहमदाबाद के फेकल्टी व हेंडमेड इन इंडिया परियोजना के क्लस्टर नोडल अधिकारी डॉ एमएच मेवाती ने बताया कि संस्थान द्वारा हेण्डलूम परिधानों की वैभवगाथा पर आधारित कार्यक्रमों की श्रंृखला के तहत देश के विभिन्न शहरों में फैशन शो, क्विज़, बिक्री, प्रदर्शनी एवं बुनकरों व कारीगरों से सीधी चर्चा का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में भोपाल के ऑशिमा मॉल में शनिवार 7 व 8 मार्च को उक्त कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसका समापन आज किया जावेगा। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में महेश्वर हेंडलूम क्लस्टर से आये बुनकरों द्वारा निर्मित साडिय़ों, स्टोल, दुपटटों, कुर्तों, शर्ट व होम फर्निषिंग का प्रदर्षन फैशन शो के माध्यम से किया जाकर बुनकरों से प्रत्यक्ष चर्चा के माध्यम से महिला गृहिणी, फैशन के क्षेत्र में कार्य करने के इच्छुक पेषेवर, व्यवसायी, युवा, छात्र एवं शहर के लोग हेण्डलूम परिधानों की संपूर्ण वैल्यू चेन को समझने के साथ साथ इस क्षेत्र में किये जा सकने वाले संभावित रोजगारों के अवसरों को भी जान सकेंगे। इस अवसर पर महेष्वर पर आधारित क्विज़ में भाग लेकर विषय में रूचि रखने वाले लोगों के लिए पुरस्कार का प्रावधान भी कार्यक्रम में रखा गया है एवं अनेक युवाओं एवं गृहणियों ने हेंडलूम से संबंधित सवालों के सही जवाब देकर पुरस्कार भी जीते। इस अवसर पर शहर के लोग महेश्वरी परिधानों की जानकारी लेने के साथ साथ बुनकरो को अपनी पसंद के परिधान बनाने के सुझाव देकर अपने आर्डर भी बुक कर रहे हैें। इस अवसर पर महेष्वर से आये हुए बुनकर एवं कारीगरों ने हेण्डलूम परिधानों के वैभव को बनाये रखने में अपनी भूमिका व परिश्रम के

बारे में बताया।

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