Sironj. एहतेजाजी जलसे का आयोजन, रैली के रूप में सौपा ज्ञापन

सिरोंज । ग्राम पथारिया में एहतेजाजी जलसे का आयोजन किया गया जिसमें भोपाल विधायक आरिफ मसूद, इमरतलाल अहिरवार, सीमा जी, पूर्व मंत्री रघुवीर सिंह, सूर्यवंशी जानकी प्रसाद, उषा अहिरवार, महेन्द्र सिंह लोधी, आयषा मिश्रा, हसरूद्दीन खांन, अब्दुल सुबुर खान पत्रकार, डॉ वकील नदवी, षोएब गाजी, हाफिज नईम, मोलवी अकील नदवी नें पथरिया आये। भोपाल विधायक आरिफ मसूद भी पथरिया आये, उन्होंने केन्द्र कि भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में आज हिन्दु मुसलमानों मे ंनफरत भरी जा रही है जो आज पाठ पढ़ाया जा रहा है वो सत्ता के लिए पढ़ाया जा रहा है।

 छोटी बच्चियों ने तराना हिन्द पड़ा सारे जहंा से अच्छा हिन्दोस्ता हमारा हाफिज वसीम  ने संवोधित किया। युसूफ ख्ंाान की टीम ने आजादी के नारे लगाए गए। बहुजन समाज वादी पार्टी के नेता इमरत लाल अहिरवार ने कहा कि आज हम लोग एकत्रित हुए है हम पहले एकत्रित होना चाहिए था। जानकी प्रसाद ने कहा कि यह लड़ाई मनुवादी से है देश को आजाद कराने में हमारों मुसलमानों ने अपनी कुर्बानी दी है। संविधान के आर्टिकल 14-15 का उल्लंघन किया है यह बिल वापस नही लिया तो भूचाल आ जाएगा। राजेश सहेले ने कहा कि यह आंदोलन सबका है आजादी में भी सभी ने मिल कर आजादी ली थी।

     ज्ञान विज्ञान समिति कि राष्ट्रीय उपाध्याक्ष आशा मिश्रा ने अपने उद्धबोधन में कहा कि मुझे बहुत खुशी हो रही है कि आज सब एकत्रित हुए है एनआरसी, सीएए, एनपीआर के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि हमारे देश कि सरकार सात वर्ष हो चुके है उन्होंने कहा था कि अच्छे दिन दिखाएंगे किसान परेशान है बेरोजगारी बढ़ रही है गरीबी दिन प्रतिदिन बड़़ती जा रही है। सरकार ने यह कानून लागू किया इसके दो मकसद है सिर्फ पूरे देश को विभाजित कर सकें देष में एनपीआर करेंगें जिसमें 16 हजार करोड़ खर्च करना पड़ेगें । हमारे यहंा घुसपेठियें ज्यादा आ गए है इसलिए हमें एनआरसी एनपीआर करना है। उषा अहिरवार ने कहा कि  तिंरगे के रंगो बारे में ओर कहा कि इन रंगो में लोगो को बाटने का काम किया जा रहा है। महिलाओं को अब झांसी की रानी न बनने दें। इसके पश्चातराष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एसडीएम अनिल कुमार सोनी को आल इंिण्डया मिल्ली कोंसिल के बेनर तले सौंपा, जिसमें उन्होंने  बताया कि एनआरसी की सूची में से 17.2093 लोगों निकाल दिया गया है उन लोगों को फिर से एनआरसी की सूची में शामिल किया जाए। सीएए यह कानून भरातीय संविधान के अनुच्छेद 14,15,21 का हनन करने वाला कानून है इसलिए इसकों रद्ध किया जावें एनआरसी ओर सीएए के विरोध में आंदोलन करने वाले लोगों पर झूठे केस दाखिल किए है उनको बिना विलम्ब वापिस लिए जाए। इस दौरान महाराज सिंह देवाकर, रघुवीर सिंह, सुनिल बोरसे, लालाराम सूर्यवंशी, हसरूद्धीन खंान, सुभाष बोहत डॉ मो वकील नदवी आदि उपस्थि रहें ।

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