फीस को लेकर बच्चों को न करें प्रताडि़त, अभिभावक से बात करें प्रबंधक

भोपाल। मप्र बाल अधिकार संरक्षण आयोग व स्कूल शिक्षा विभाग ने अयोध्या बायपास रोड स्थित बोनीफाई स्कूल का निरीक्षण किया। आयोग में स्कूल के एक अभिभावक ने शिकायत की है कि स्कूल में पढऩे वाले उनके तीनों बच्चों को फीस देने के बाद स्कूल प्रशासन द्वारा परीक्षा देने से रोका गया है। उन्होंने शिकायत की है कि फीस को लेकर हुए कंफ्यूजन के कारण तीनों बच्चों को पहला पेपर नहीं देने दिया गया। साथ ही यह आरोप भी लगाया कि बच्चों को दूसरे कमरे में अलग से बैठाया गया, जिससे बच्चे आहत हैं। बाल आयोग सदस्य ब्रजेश चौहान और उनकी टीम ने शिक्षा विभाग से जन शिक्षक सुभाष शर्मा और ब्लॉक स्त्रोत समन्वयक नागेन्द्र सिंह के साथ जाकर स्कूल का औचक निरीक्षण किया। जांच टीम के सामने स्कूल प्रशासन ने शिकायतों को सिरे से खारिज कर दिया। हालांकि उन्होंने माना कि अभिभावक के साथ फीस को लेकर विवाद है। इस संबंध में जांच टीम ने स्कूल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि फीस के बारे में अभिभावकों से बात की जाए। फीस के लिए बच्चों के अधिकारों का हनन नहीं किया जाए। निरीक्षण के दौरान टीम को स्कूलों में न तो शिकायत पेटी मिली न ही बच्चों को चाइल्ड लाइन नंबर की जानकारी थी।

बच्चों को चाइल्ड लाइन का नंबर दें-

टीम ने स्कूल को निर्देश दिए हैं कि बच्चों को उनके अधिकारों और उनसे जुड़े आवश्यक नंबर की जानकारी भी स्कूल को देनी चाहिए। बच्चों से संबंधित सभी नंबर स्कूल में नोटिस बोर्ड पर लगाए जाने चाहिए। स्कूल प्रशासन ने कमियों को तत्काल दूर करने का आश्वासन दिया है।

इनका कहना है-

अभिभावक की शिकायत पर स्कूल का निरीक्षण किया गया। इस संबंध में स्कूल ने अपना पक्ष रखा है, लेकिन यह संतुष्टिपूर्ण नहीं है। इसके लिए स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी करेंगे। साथ ही दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

ब्रजेश चौहान, सदस्य, बाल आयोग

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