आल्हा गायन में दीक्षा और प्रतीक्षा यादव ने सुनाया बुन्देलखण्ड का शौर्य

छतरपुर। बुन्देली उत्सव के अंतर्गत शनिवार को निशानेबाजी की रोमांचक प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें छतरपुर के अचूक निशानेबाजों ने सतना और दिल्ली के धुरंधरों को भी पीछे छोड़ दिया। बसारी के गढ़ी तालाब में हुई निशानेबाजी प्रतियोगिता में छतरपुर के इन्द्रविक्रम सिंह ने सबसे अचूक निशाना साधकर इस प्रतियोगिता को अपने नाम कर लिया। दूसरे स्थान पर सतना के सागर एवं तीसरे स्थान पर दिल्ली के दानिश खान रहे। इसके साथ ही इस वर्ष से बुन्देली उत्सव में बुन्देलखण्ड के भूले बिसरे खेल गुलेलबाजी को भी शामिल किया गया जिसमें कई प्रतिभागियों ने गुलेल से निशाने लगाए। गुलेलबाजी की प्रतियोगिता में रमेश कुशवाहा प्रथम और राजू रैकवार द्वितीय स्थान पर रहे। खिलाडियों एवं कलाकारों को बुन्देली विकास संस्थान के संरक्षक एवं पूर्व विधायक शंकर प्रताप सिंह मुन्नाराजा, पूर्व मण्डी अध्यक्ष डीलमणि सिंह बब्बूराजा, देवेन्द्र प्रताप सिंह दिल्लू राजा, कांग्रेस के प्रदेश सचिव सिद्धार्थशंकर बुन्देला, पूर्व जनपद अध्यक्ष महिपाल सिंह बर्रोही ने पुरस्कृत किया।

उधर बीती शाम बसारी के राव बहादुर सिंह स्टेडियम में लोक संस्कृति की रंगारंग प्रस्तुतियां हुईं जिसमें बुन्देलखण्ड के कोने-कोने से आए कलाकारों ने ढिमरयाई, कार्तिक गीत, आल्हा, दलदल घोड़ी, लमटेरा, बिलवारी, सोहरे, रावला, कड़ारा, बेहरूपिया, गोंटे और अलगोजा में अपनी प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों में सर्वाधिक ध्यान खींचा दीक्षा और प्रतीक्षा की आल्हा गायन प्रस्तुति ने। इन बेटियों ने आल्हा गायन में बुन्देलखण्ड के शौर्य को गाकर लोगों को स्वाभिमान की भावना से भर दिया। उनके अलावा महोबा से आए ब्रजेन्द्र यादव एवं हरडोनी के प्रेमनारायण यादव ने भी आल्हा की प्रस्तुतियां दीं। ढिमरयाई में कर्रापुर के चुन्नीलाल, छतरपुर के मुन्नालाल सैनी, बसारी के कंदू लाल रैकवार एवं दमोह के चौधरी रामलाल काटिल व साथियों ने अपनी प्रस्तुति दी। कार्तिक गीत में संपत नामदेव और बमीठा की गोल्डी विश्वकर्मा ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। दलदल घोड़ी में बसारी के रमेश बाबा, लमटेरा में दमोह के चौधरी रामलाल काटिल, बसारी के कालीचरण अनुरागी व सपना रंगमंच ने धार्मिक आख्यान सुनाए। बिलवारी में सपना रंगमंच, डमरूलाल आदिवासीए बेबीराजा, मतीबाई एवं संजू सबनम कटनी की प्रस्तुति लाजवाब रही तो वहीं सोहरे में संपत नामदेव ने खूब रंग जमाया। रावला में छतरपुर के राम सिंह राव, बहरूपिया की प्रस्तुति में बसारी के कंदूलाल रैकवार, गोंटे की प्रस्तुति में झांसी से अखिलेश पाल व अलगोजा में सुखलाल आदिवासी ने श्रोताओं को तालियां बटोरी। लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में फिल्म अभिनेता राजा बुन्देला मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों द्वारा बुन्देली संस्कृति के क्षेत्र में डॉ दयाराम वर्मा बैचेन श्यावरी म ऊरानीपुर को राव बहादुर सिंह बुन्देला स्मृति सम्मान से नवाजा गया तो वहीं बुन्देली साहित्य में आलोचना के लिए डॉ. केबीएल पाण्डेय दतिया को राव बहादुर सिंह बुन्देला स्मृति सम्मान सौंपा गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. बहादुर सिंह परमार, जगदीश गंगेले, डॉ. विष्णु अरजरिया ने किया।

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